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दरोगा में कुछ तो है खास, अंडर ट्रांसफर में भी चौकी की सौगात

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लखीमपुर खीरी। ढखेरवा चौकी इंचार्ज का विवादों से पुराना नाता रहा है। दो महीने पहले उनका ट्रांसफर मेरठ जोन में कर दिया गया था। अंडर ट्रांसफर होने के बाद भी रिलीव नहीं हो पाए। एक माननीय की सिफारिश पर उनको मलाईदार पुलिस चौकी ढखेरवा का प्रभारी बना दिया गया। मितौली, तिकुनियां और सदर कोतवाली में तैनाती के समय यह दरोगा ऊपरी कमाई करने के अलावा अफसर और माननीय को भी खुश रखने की कला में माहिर माने जाते हैं।
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मितौली, तिकुनियां, धौरहरा और सदर कोतवाली में तैनात रहे दरोगा जी अपनी कारगुजारियों को लेकर हमेशा चर्चित रहे। बेलरायां चौकी इंचार्ज रहते व्यापार मंडल ने अवैध वसूली के आरोप में कोतवाली घेरी थी। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह के सामने दरोगा को व्यापारियों ने खरीखोटी सुनाई थी। नगर व्यापार मंडल महामंत्री रमाशंकर पांडेय की मानें तो उस समय दरोगा ने सॉरी बोलकर सबसे माफी मांगी थी। तीन महीने पहले सदर कोतवाली की तैनाती में सटोरियों को पकड़ने और छोड़ने में भी दरोगा जी ने बड़ा खेल किया। दरोगा ने जून में आठ से अधिक सटोरिये पकड़े थे। सबके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई, लेकिन उस रिपोर्ट की धाराओं में खेल कर दिया। सटोरियों के पास दो-तीन मोबाइल पकड़े गए। सूत्रों की मानें तो दरोगा ने मोबाइल की बरामद नहीं दिखाई। सिर्फ 13 जी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उनको थाने से जमानत दे दी। आईटी एक्ट लगने से उनको थाने से जमानत नहीं मिल पाती। अब दरोगा जी कभी सागौन की लकड़ी चोरी कराने तो कभी व्यापारियों, प्रधान या अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों से अवैध वसूली के चलते चर्चा में हैं।
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ढखेरवा चौकी इंचार्ज की अब तक कई शिकायतें मिली हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। आरोप सही मिलते हैं तो निश्चित तौर से विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शैलेंद्र कुमार एएसपी
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