गोला गोकर्णनाथ। जिगनहां गांव में फंदा लगाकर आत्महत्या करने वाले 70 वर्षीय ओमप्रकाश वर्मा के मामले में एफआईआर दर्ज होने के दूसरे दिन भी पुलिस ने आरोपी प्रधान लालबहादुर को गिरफ्तार नहीं किया है। मृतक के पौत्र आस्कर वर्मा ने आरोप लगाया है कि प्रधान को जानबूझकर गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। न ही कोई जांच की गई है।
इधर इस प्रकरण में अधिकारियों ने सत्ता पक्ष की विधायक मंजू त्यागी के लिखे पत्र को भी नकार दिया है। पौत्र आस्कर वर्मा ने बताया कि उनके बाबा ओमप्रकाश ने पिछले साल 30 अक्तूबर 2018 को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर न्याय दिलाने की मांग की थी। डीएम ने प्रार्थना पत्र को जन सुनवाई पोर्टल पर दर्ज कर एसओसी, सीओ को जांच उपरांत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने कार्रवाई तो दूर कोई जांच तक नहीं की। इसके बाद अब 30 जुलाई को ओमप्रकाश ने श्रीनगर क्षेत्र की भाजपा विधायक मंजू त्यागी को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उन्होंने पुराने खेत की जमीन भूमि पर पौधारोपण रुकवाने की मांग की थी। विधायक ने उनके पत्र के साथ में अपना पत्र जिला चकबंदी अधिकारी को लिखकर पूरे मामले की जांच कराने के लिए कहा था। मगर अब अफसर ऐसा पत्र न मिलने की बात कह रहे हैं।
सुसाइड नोट में पांच लाख रुपए का भी है जिक्र
सुसाइड नोट में ओमप्रकाश ने थाना इंचार्ज के नाम लिखा है कि पांच लाख न मिलने से भी वह परेशान है। इस संबंध में पौत्र आस्कर वर्मा ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व जब ओमप्रकाश और माधौराम की दोस्ती थी। तब ओमप्रकाश ने बैंक से ग्रीन कार्ड पर पांच लाख रुपये लोन कराकर माधौराम को दिए थे, जिसे वापस मांगने पर माधौराम विवाद करते थे। थाना इंचार्ज ने कहा कि बात सही निकली तो माधौराम के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मुकदमे में नामजद प्रधान लालबहादुर फरार है। उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। वादी के बयान दर्ज कर मिले सुसाइड नोट को विवेचना में शामिल कर लिया गया है। -चुन्नूलाल, विवेचना अधिकारी थाना हैदराबाद