मोहम्मदी। डेढ़ महीने पहले प्रवर्तन दल के छापे के दौरान निजी क्षेत्रों के नलकूपों पर बिजली चोरी पकड़े जाने के मामले में विभाग के ही पांच जेई भी फंस गए हैं। प्रवर्तन दल के प्रभारी निरीक्षक की ओर से जेई समेत 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इससे पावर कॉरपोरेशन में खलबली मच गई है।
प्रभारी निरीक्षक प्रवर्तन दल खीरी धर्मेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि पावर हाउस बस्तौली, बरवर और मोहम्मदी क्षेत्र में सरकारी ट्रांसफॉर्मर से निजी क्षेत्र के नलकूपों को बिजली कनेक्शन दिए जाने के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद 10 से 15 जून के बीच क्षेत्र में छापे मारे गए। इस दौरान 17 जगह ट्रांसफॉर्मर से निजी नलकूप के तार जुड़े मिले। पूरी रिपोर्ट एसएसपी (प्रवर्तन) लखनऊ को भेज दी गई थी। जांच के बाद दोषी पाए गए बस्तौली मोहम्मदी के जेई रामकुमार वर्मा, सीतापुर वर्कशॉप के जेई कमलेश दीक्षित, बरेली के जेई राजेश कुमार सैनी, जेई सौरभ अवस्थी, हरदोई के जेई किशन पाल, ठेकेदार पंकज सिंह, श्रमिक सुशील कुमार बस्तौली, ठेकेदार मोहम्मद कयूम मोहम्मदी, पूर्व संविदा कर्मी लाला राम और जोगेंद्र बस्तौली पावर हाउस मोहम्मदी के खिलाफ धारा 419, 420 और बिजली अधिनियम 136 के तहत मोहम्मदी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच अमीरनगर चौकी इंचार्ज केके यादव को सौंपी है।