लखीमपुर खीरी। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में धान खरीद का समय चल रहा है। एक अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद 31 जनवरी 2020 तक चलेगी, लेकिन लखीमपुर समेत कई जिलों में सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य नवंबर-दिसंबर माह में पूरा कर लिया गया। इससे डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने दिसंबर के पहले सप्ताह में ही अधिकांश क्रय केंद्रों को बंद करा दिया था। सिर्फ मार्केटिंग और एफसीआई के क्रय केंद्रों पर खरीद की जा रही है, जिससे खरीद के आंकड़े लक्ष्य को पार कर चुके हैं। लिहाजा खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त मनीष चौहान ने तहसील स्तर पर टीमें गठित कर धान क्रय केंद्रों पर हो रही खरीद का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने जिले में एक लाख 93 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया था। एक अक्तूबर 2019 से 31 जनवरी 2020 तक किसानों से धान खरीद की जानी है। एजेंसियों ने लक्ष्य के सापेक्ष 102 प्रतिशत धान खरीद कर डाली है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने दिसंबर के पहले सप्ताह में ही छह एजेंसियों पीसीएफ, पीसीयू, एग्रो, यूपीएसएस, कर्मचारी कल्याण निगम और एसएफसी के क्रय केंद्रों पर खरीद बंद करने के आदेश दिए थे। ताकि धान खरीद में गड़बड़ी न हो सके। किसानों को धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मार्केटिंग और एफसीआई के 19 क्रय केंद्रों पर खरीद जारी रहेगी। क्योंकि यही दोनों एजेंसियां पीएफएमएस से भुगतान कर रही हैं। शेष एजेंसियां आरटीजीएस से भुगतान कर रही थीं।
खाद्य आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों का सत्यापन कराया जाए कि वास्तविक किसान हैं या नहीं। इसके अलावा यह भी देखा जाए कि धान का मूल्य का भुगतान संबंधित किसानों के खाते में ही भेजा गया या नहीं। टीमें क्रय केंद्रों से संबद्ध चावल मिलों का निरीक्षण कर धान और सीएमआर के स्टॉक का सत्यापन करेंगी। यदि सत्यापन में अनियमितता पकड़ी जाती है, तो संबंधित एजेंसी, क्रय केंद्र प्रभारी/मिलर के खिलाफ कार्रवाई करके रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।
लक्ष्य के सापेक्ष 102 प्रतिशत धान खरीद हो चुकी है। अब धान खरीद लगभग बंद हो चुकी है। सिर्फ सीएमआर की डिलीवरी पर जोर दिया जा रहा है। राइस मिलों से देय सीएमआर के सापेक्ष 52 प्रतिशत सीएमआर की डिलीवरी एफसीआई गोदाम में की गई है। पीसीएफ और पीसीयू ने क्रमश: 35 और 37 प्रतिशत सीएमआर चावल की डिलीवरी की है, जो बेहद कम है। जबकि 99 प्रतिशत धान की आपूर्ति राइस मिलों को की जा चुकी है।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
जिन जिलों में खरीद हो रही है, वहां जांच के लिए आयुक्त ने निर्देश दिए हैं। खीरी में खरीद बंद हो चुकी है, जिसके बाद से क्रय केद्रों और राइस मिलों की जांच कराई जा रही है। आयुक्त के निर्देशानुसार अन्य बिंदुओं पर भी जांच कराई जाएगी।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम