लखीमपुर खीरी। टेरर फंडिंग के मामले एटीएस कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसलिए दो नाइजीरियाई अभियुक्तों और नेपाल बॉर्डर पर नेटवर्क चलाने वाले मुमताज को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए एटीएस ने सीजेएम की अदालत में अर्जी दाखिल कर दी है। अदालत ने कस्टडी रिमांड अर्जी पर फैसले से पहले आरोपियों को भी सुनने की बात कही है, साथ ही जेल में बंद आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए बृहस्पतिवार को समय दिया है।
इस मामले में नाइजीरिया के चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमैन अस्सेंगा के शामिल होने की बात सामने आने के बाद से ही एटीएस काफी गंभीर है। यही कारण है कि ट्रांजिट रिमांड की बदौलत मुंबई से लखीमपुर खीरी लाते समय रास्ते में कई दिन साथ में रखने के बाद भी एटीएस कस्टडी रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ करना चाहती है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में किस तरह वेबसाइट को हैक कर खाते से रकम उड़ाई जाती थी, एटीएस यह जानना चाह रही है। इसके अलावा टेरर नेटवर्क का सोशल मीडिया कनेक्शन भी एटीएस के रडार पर है। इसलिए खुफिया इकाइयों को धता बताकर जेल पहुंचे मुमताज और सदाकत से भी पूछताछ करना चाहती है। मुमताज तो लखीमपुर की जिला जेल में ही है, जबकि सदाकत के यहां पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। अर्जी में एटीएस ने कहा कि सही तफ्तीश के लिए जरूरी है कि हाजिर होकर जेल पहुंचे मुमताज के साथ ही नाइजीरियन चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमैन अस्सेंगा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए। उसने तीनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड मांगी।
एटीएस के डीएसपी ने दाखिल की दो अर्जियां
इस हाई प्रोफाइल मामले की तफ्तीश कर रहे एटीएस के डीएसपी शैलेद्र सिंह राठौर ने कोर्ट में देने से पहले एक ही अर्जी में तीनों आरोंपियो को हिरासत में लेने की बात कही थी, लेकिन अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने जब अर्जी के बाबत कानूनी प्रावधानों पर एटीएस का ध्यान दिलाया तो तफ्तीश कर रहे राठौर ने हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए दो अर्जियां तैयार कीं। एक अर्जी में मुमताज को कस्टडी रिमांड पर दिए जाने की मांग की तो दूसरी अर्जी में नाइजीरियाई चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमैन अस्सेंगा को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की बात कही है।
सीजेएम बोले आरोपियों की भी सुुनेगें
हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अर्जी पेश होने पर सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने कहा प्रकिया है कि आरोपी को भी अपनी बात कहने का मौका मिलना चाहिए। लिहाजा हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अर्जी पर सुनवाई के पहले आरोपियों को भी सुनेेंगे। इसके लिए बृहस्पतिवार का दिन मुकर्रर करते हुए सीजेएम ने कोर्ट मोहर्रिर रंजीत कुमार से तीनों आरोपियों को पेश करने को कहा है।
लैपटॉप और मोबाइल भेजे जाएंगे फोरेंसिक व आईटी साइबर लैब
नाइजीरिया के चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमैन अस्सेंगा सहित मुंबई के अर्जुन अशोक खराड़े की गिरफ्तारी के समय उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, सिमकार्ड, तीन लैपटॉप, 13 डोंगल, दो पेन ड्राइव, तीन राउटर बरामद किए थे। जिन्हें खंगालने के बाद एटीएस ने सील मुहर कर रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था, लेकिन अब डाटा रिकवरी को और बरामद लैपटॉप और मोबाइल सेट को फोरेंसिक व आईटी साइबर सेल भिजवाने की बात जब सामने आई तो कोर्ट की सील मुहर जांच एजेंसी के लिए दिक्कत पैदा कर गई। इसी को लेकर विवेचक शैलेंद्र सिह राठौर ने डाटा रिकवरी के लिए लैपटॉप व मोबाइल खंगालने और उन्हें आईटी साइबर सेल भिजवाने के लिए सील मुहर खुलवाने की अर्जी कोर्ट में दाखिल की। सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने गुरूवार को ही तीनों अर्जियों पर सुनवाई की बात कहते हुए गुरूवार की तिथि मुकर्रर की है।
जेल पहुंची एटीएस टीम, आरोपियों को थमाई प्रति
कोर्ट के आदेश पर एटीएस को अपनी ही अर्जी के खिलाफ पक्ष रखने के लिए आरोपियों को प्रार्थना पत्र की नकल देनी पड़ी। बुधवार को कोर्ट में अर्जी देने के बाद जिला कारागार पहुंची एटीएस टीम ने कस्टडी रिमांड की अर्जी पर आपत्ति करने के लिए मुमताज और दोनों नाइजीरियाई को बुलवाया और उन्हें कस्टडी रिमांड अर्जी की प्रति देकर उनसे रिसीविंग भी ली।