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प्रधानमंत्री आवास योजना के खातों के जरिये टेरर फंडिंग

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बरेली। टेरर फंडिंग के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के बैंक खातों का इस्तेमाल करने का महत्वपूर्ण इनपुट पुलिस को मिला है। इज्जतनगर और सिविल लाइंस की बैंक शाखा में ऐसे 11 बैंक खातों की जांच क्राइम ब्रांच ने शुरू की है जिनमें लाखों रुपये का कैश जिस दिन जमा हुआ, उसी दिन उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस के लिए सबसे ज्यादा संदेहजनक बात यह है कि इनमें से कोई खाताधारक अपने बैंक खाते में लाखों की रकम रखने की हैसियत का नहीं है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दे दिया है।
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पुलिस को मिले इनपुट के मुताबिक चिह्नित किए गए सभी 11 बैंक खाते महिलाओं के नाम खुलवाए गए हैं। इन महिलाओं को मिनी बाईपास इलाके में रहने वाली एक युवती और नेकपुर निवासी युवक ने समूह बनाकर आवेदन करने पर डूडा से प्रधानमंत्री आवास के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये दिलाने का झांसा देकर बैंक खाता खोलने के लिए फार्म भरवाए थे। महिलाओं को यह भी झांसा दिया गया कि खाता खुलवाने के बाद उन्हें आठ हजार रुपये की मासिक मदद भी दी जाएगी। 11 महिलाओं में से आठ के खाते सिविल लाइंस और तीन के खाते इज्जतनगर इलाके के गांव नगर परीक्षित की भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खुलवाए गए। बैंक खाते खुलने के बाद उनमें करीब 50 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस के मुताबिक खाते खुलवाने वाले लोगों ने पहले ही सभी खाताधारक महिलाओं की चेकबुक अपने कब्जे में ले रखी थी, लिहाजा खातों में लेनदेन की महिलाओं को भी भनक नहीं लगी।
युवती की शिकायत पर खुला मामला
पिछले दिनों इन्हीं खाताधारकों में से एक सिकलापुर की महिला की रिश्तेदार युवती ने उसकी पासबुक अपडेट कराई तो खाते से लाखों के लेनदेन का मामला उसकी जानकारी में आया। इसके बाद उसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस युवती ने महिला की पासबुक का रिकॉर्ड भी पुलिस को दिया है जिसमें एक ही दिन में सात लाख रुपये जमा करके दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। पुलिस को सूचना देने वाली इस युवती ने आशंका जताई कि इस खाते से विदेशों में लेनदेन किया जा रहा है। बता दें कि नगरिया परीक्षित भी हवाला और टेरर फंडिंग के मास्टर माइंड सदाकत के गांव परतापुर से सटा हुआ है।
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बैंक स्टाफ की भी सांठगांठ की आशंका
लाखों रुपये की रकम को संदिग्ध तौर पर इधर से उधर किए जाने के इस मामले में बैंक स्टाफ की सांठगांठ की भी आशंका जताई जा रही है। दरअसल जिस तरह महिलाओं के बैंक खातों की चेकबुक किन्हीं और लोगों के हाथों में पहुंच गई और लाखों की रकम बगैर जांच के ट्रांसफर हो गई, उससे शक की सुई बैंक स्टाफ की तरफ भी घूम रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले में बैंक स्टाफ की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
एक महिला की इस संबंध में शिकायत मिली थी। मामला काफी संदिग्ध होने की वजह से संबंधित थाना क्षेत्र को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में क्राइम ब्रांच को भी अलग से जांच करने को कहा गया है। - रमेश भारतीय, एसपी क्राइम
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