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दस साल पहले बेचते थे चूड़ी-बैटरी अब खेल रहे करोड़ों में

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लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल सीमा की मंडियों में करेंसी बदलने और माल तस्करी की जड़े काफी गहरी हैं। जो लोग छोटी से बाजारों में बैटरी बेचते थे, साइकिलों से फेरी लगाकर आलू-प्याज और चूड़ियां बेचते थे, वे आज करोड़ों में खेल रहे हैं। लग्जरी चार पहिया वाहनों में फर्राटा भरना उनका शौक बन गया है। चंद समय में करोड़पति बने इन लोगों के आय के स्त्रोत खंगालने में खुफिया एजेंसियों ने कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी से बड़े पैमाने पर खाद, मादक पदार्थों, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक आदि सामानों की तस्करी का धंधा आज भी चल रहा है। देश विरोधी ताकतों ने भी नेपाल के रास्ते भारत में अपनी जड़े जमा लीं। तिकुनियां, बेलरायां, सिंगाही, निघासन के अलावा पलिया, संपूर्णानगर सहित नेपाल सीमावर्ती गांवों में अचानक रईस बने कुछ चुनिंदा लोग हैं। ये लोग आज से करीब 10 साल पहले साइकिलों पर फेरी लगाकर नेपाल और आसपास के गांवों में चूड़ी बेचने जाते थे। लकड़ी के खोखे रखकर बैटरी चार्जिंग कर दो वक्त की रोटी जुटाते थे। आज उनके पास करोड़ों की संपत्ति है। है। उनकी अपनी बड़ी दुकानें और दो से तीन कोठियां हैं। लखीमपुर, लखनऊ में भी प्लॉट खरीद लिए हैं। एक नहीं तीन-तीन कंबाइन हैं। कोतवाली तिकुनियां क्षेत्र के कुछ लोग हैं जो अपने गांव कस्बों में आलीशान मकानों में रह रहे हैं, लेकिन उनका पूरा कामधंधा नेपाल में ही चल रहा है। एक नहीं, चार से अधिक चौपहिया वाहन भी हैं। लग्जरी और महंगी कारों पर चलना उनका शौक है। खुफिया एजेंसियां चंद सालों में करोड़पति बनने वालों की ठीक ढंग से यदि जांच करें तो चौंकाने वाले बड़े खुलासे हो सकते हैं।
टेरर फंडिंग खुलासा से उड़ी चेहरे की रंगत
पिछले दिनों टेरर फंडिंग का खुलासा होने से नेपाल सीमा पर रहने वाले कुछ लोगों के चेहरे की रंगत उड़ी हुई है। उन्हें कार्रवाई का डर सता रहा है कि कहीं वह भी जांच के दायरे में न आ जाए। इसको लेकर ऐसे लोगों में खलबली मची है।
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नेपाली नागरिकों की आवाजाही हुई कम
टेरर फंडिंग में चार लोगों के पकड़े जाने के बाद इसका असर सीमा क्षेत्र की मंडियों पर भी पड़ने लगा है। नेपाली महिला, पुरुषों और बच्चों से गुलजार होने वाली मंडियों में अब सन्नाटा पसरा है। यही हाल तिकुनियां और बेलरायां की कुशाही बाजार का है। यहां आने वाले नेपाली नागरिकों की संख्या में भी काफी गिरावट आई है, जिससे बाजार में रौनक गुल हो गई।
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