सबसे पहले टीम रेलवे स्टेशन पहुंची। कुछ देर वहां पर रुकने के बाद कस्बे की दुकानों के आसपास टीम करीब पौन घंटे तक घूमी। हालांकि किसी से पूछताछ नहीं की। इसके बाद टीम चाय की एक दुकान पर पहुंची। आपस में करीब 15 मिनट तक वार्ता की। इसके बाद वहां से दो टीमें बन गईं।
इनमें से एक टीम ने नेपाल सीमा की ओर गई, जबकि दूसरी टीम बेलरायां की ओर रवाना हो गई। एटीएस के तिकुनियां और नेपाल के सीमावर्ती गांवों में पहुंचने से हलचल मच गई है। सबसे अधिक वो व्यापारी दहशत में हैं, जिनके या तो नेपाल को बैंक में खाते खुले हैं या फिर मुद्रा बदलने के धंधे में रहे हैं।
लाल-नीली बत्तियां लगी कारें इलाके में दौड़ीं तो मची खलबली
टेरर फंडिंग का खुलासा होने के बाद मंगलवार को लाल-नीली बत्ती लगी कारें सड़कों पर दौड़ती दिखीं। इससे लोग हलकान रहे। कोई इन्हें एटीएस तो कोई आईबी के वाहन होने के कयास लगा रहा था। एटीएस की टीम बेलरायां रेलवे स्टेशन भी पहुंची, लेकिन टीम वहां रुकी नहीं। माना जा रहा है कि टीम रास्ता भटकने के कारण बेलरायां स्टेशन पहुंच गई थी। हालांकि इससे लोगों में खलबली मची रही।