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जमीन को लेकर दो पक्ष भिड़े, बाइक फूंकी

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बिजुआ। भीरा थाना के पड़रिया तुला गांव में दो पक्षों के बीच जमीन पर कब्जे को लेकर कई साल से चल रहे विवाद ने सोमवार को बड़ा रूप ले लिया। चार दिन पहले एक पक्ष ने विवादित जमीन पर कराए जा रहे निर्माण के विरोध में पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। इसका खामियाजा ये हुआ कि सोमवार को दोनों पक्षों के बीच बवाल हो गया, जिसमें भाला से हमला किया गया और बाइक जली दी गई। इस बवाल में दोनों पक्ष के चार लोग घायल हो गए।
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पड़रिया तुला निवासी हंसराम वाल्मीकि का पुराना घर गांव के बीच में है, वहीं पास में बिजुआ निवासी संगीत ने भी अपना मकान बना लिया है। दोनों मकानों के बीच खाली पड़ी जमीन पर कई सालों से दोनों पक्ष अपना दावा कर रहे थे। कई बार तनातनी भी होती रही, पुलिस के पास भी मामला गया। इस खाली पड़ी सहन की जमीन पर संगीत ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इसकी चार दिन पहले हंसराम ने भीरा पुलिस से शिकायत की थी। सोमवार को हंसराम का पुत्र हिमांशु, श्रवण अपने पलिया के दो रिश्तेदारों के साथ विवादित जमीन को देखने गया था, वहां पर निर्माण होता देखकर विरोध किया। इससे मौके पर मौजूद संगीत के पुत्र शेखकरन, सुमित उर्फ माझी और दूसरे पक्ष के हिमांशु आदि के बीच विवाद होने लगा। मामला इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में लाठी डंडे चले, फिर भाली से हमला कर दिया। इसमें दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए। आरोप है कि मौके से भागे हिमांशु की बाइक वहीं रह गई, जिसे आग लगा दी गई। अस्पताल पहुंचे संगीत के पुत्रों का इलाज हो रहा था, तभी एंबुलेंस से हंसराम के पुत्र के पहुंचते ही अस्पताल में दूसरा पक्ष फिर से हमलावर हो गया। अस्पताल में करीब 15 मिनट तक लाठी डंडे से घेरकर पिटाई की गई।
घायलों को किया रेफर, दो की हालत नाजुक
संगीत के पुत्र शेखकरन एवं सुमित घायल हुए हैं, जिनमें सुमित उर्फ माझी के सिर में गहरा जख्म होने से उसे गंभीर हालत में रेफर किया गया है। दूसरे पक्ष में हंसराम के पुत्र हिमांशु एवं रिश्तेदार राजा और श्रवण घायल हुए हैं। इनमें श्रवण के पेट में भाला लगा है, जिससे उसे भी रेफर किया गया है।
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इलाज कर रहे डाक्टर ने इमरजेंसी में घुसकर खुद को किया सुरक्षित
गुलरिया। जिस समय प्रभारी डॉ अमित सिंह एक पक्ष का इलाज कर रहे थे, तभी दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया। मामले की भयानकता इससे ही समझी जा सकती है कि डाक्टर ने खुद को बचाने के लिए इमरजेंसी रूम का दरवाजा बंद कर पुलिस को फोन कर मदद मांगी। बाद में सीओ गोला रविंद्र कुमार वर्मा, एसओ प्रदीप सिंह एवं चौकी प्रभारी विपिन कुमार, दुर्गेश बाबू अस्पताल पहुंचे, वहां से गांव पहुंचकर मार्च किया।
इस मामले में दोनों पक्षों को 107 एवं 116 में पाबंद किया जा चुका था। दोनों हिदायत दी गई थी, कि कोई विवाद न हो।
प्रदीप सिंह, भीरा थानाध्यक्ष।
अस्पताल में अचानक 50 से ज्यादा लोग हमलावर हो गए। मामला समझ में नही आया। इस बीच पुलिस को बुलाया गया। ऐसे हालात में अस्पताल में काम करना मुश्किल हो जाता है।
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डॉ अमित सिंह, सीएचसी प्रभारी बिजुआ
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