फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: गांवों को बचाने वाली 10 करोड़ की परियोजनाओं में आईं दरारें

विज्ञापन
कुरतैइया माथुरपुर परियोजना में आई दरारें। संवाद
विज्ञापन
धौरहरा/रमियाबेहड़। तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी के कटान से गांवों को बचाने के लिए दो जगहों पर दस करोड़ की परियोजनाओं को सरकार से मंजूरी मिली थी। काम भी हुआ, लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही परियोजनाओं में दरारें आ गईं। स्थिति यह है कि यदि नदी में उफान आया तो परियोजनाएं पानी में बह सकती हैं, जिससे करीब 20 गांव प्रभावित होंगे।
विज्ञापन

शारदा और घाघरा नदियां हर साल बाढ़ में भू-कटान कर किसानों की फसलों सहित उनके आशियाने उजाड़ कर बेघर कर देती हैं। नदियों के कहर से ग्रामीणों को बचाने के लिए सरकार ने करीब 10 करोड़ रुपये की परियोजना बनाई। शारदा नदी की परियोजना रैनी समदा पर काम तेजी से हुआ, नतीजतन भू-कटान रुक गया। वहीं घाघरा से बचाने के लिए कुरतैइया, माथुरपुर परियोजना और गोडियनपुरवा, तलिहाघाट परियोजना का काम धीमी गति से चल रहा है।
कुरतैइया-माथुरपुर परियोजना के लिए सरकार ने 498.52 लाख जारी किया था। गोड़ियनपुरवा-तलिहाघाट की परियोजना के लिए सरकार ने 566.42 लाख परियोजना लागत से भू-कटान निरोधी कार्य किया। ग्रामीणों के मुताबिक अब भी काफी काम बाकी है, लेकिन बाढ़ खंड विभाग इन परियोजनाओं पर काफी धीमी गति से काम कर रहा है।
विज्ञापन

यदि घाघरा नदी में उफान आता है, तो दस करोड़ से बनी यह दोनों परियोजनाएं पानी में बह सकती है। वर्तमान समय में पानी कम है। इस समय काम तेजी से हो तो कुरतैइया, माथुरपुर, गुलरिया, तालुके, अमेठी, अग्घरा, घोसियाना, रामनगर बगहा, सहित करीब 20 गांव भूकटान से बचाए जा सकते हैं।
धौरहरा एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि सभी परियोजनाओं के कार्य पर नजर है। यदि भू-कटान हुआ तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।वहीं, एसडीओ बाढ़ खंड शारदा नगर बीडी गौतम ने बताया कि जहां बांध में दरारें आई थीं, कटान हुआ था, पहले उसे ठीक किया जा रहा है। पूरी परियोजना पर काम चल रहा है, कटान होने की आशंका कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें