लखीमपुर खीरी। सोमवार को अर्जेंट मामलों के अलावा 85 जमानती प्रार्थना पत्रों और वारंट निरस्तीकरण के मामले अलग-अलग अदालतों में पेश हुए।
21 मार्च के बाद बंद हुई अदालती व्यवस्था सोमवार को पटरी पर आती दिखी, हालांकि अभी केवल अर्जेंट मामलों की सुनवाई का ही आदेश आया है, जिसके चलते जेल में निरुद्ध बंदियों के जमानत प्रार्थना पत्र और वारंट निरस्तीकरण सहित विभिन्न अर्जेंट मामलों की ही सुनवाई शुरू हुई है। सोमवार को सीजेएम सीमा सिंह ने सुनवाई शुरू किया तो भीड़ को लेकर नाराजगी भी जाहिर की, जिसके बाद से हालात काबू में दिखे। वहीं जिला जज व अपर जिला जज की अदालत में भी केवल अर्जेंट मामलों की ही सुनवाई हुई है। इसके बाद करीब साढ़े तीन व चार बजे के करीब जमानतदारों के रूप में काफी संख्या में लोग कचहरी में जुटते दिखे, इनमें ज्यादातर मामले लॉकडाउन के दौरान निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और महामारी अधिनियम से जुड़े मामलों के दिखाई दिए।
अब मोटर दुघर्टना मामलों की सुनवाई को अलग कोर्ट
मोटर एक्सीडेंट में क्षतिग्रस्त पक्ष को मुआवजा दिलाने के लिए अब सुनवाई व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन हुआ है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला जज शिवशंकर प्रसाद ने मोटर एक्सीडेंट के मामलों की अलग अधिकरण में सुनवाई का आदेश दिया है।
केंद्र सरकार की पहल पर मोटर दुघर्टना प्रतिकर अधिकरण के रूप में पृथक फोरम बनाने का काम शुरू हो गया। जिला लखीमपुर खीरी में भी मुहल्ला नौरंगाबाद में जिला मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण का कार्यालय विकसित किया जा चुका है, फाइलों के रखरखाव की व्यवस्था भी की जा रही है। इसी बीच लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद जब अदालती सुनवाई शुरू हुई तो जिला जज शिवशंकर प्रसाद ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए नए मोटर दुर्घटना दावों पर सुनवाई स्थगित कर दी।
दिवंगत वकील की पत्नी को मिली सहायता
यूपी बार कॉउंसिल के पूर्व चेयरमैन और मौजूदा सदस्य अजय शुक्ल ने जिले के दिवगंत वकील कृष्ण दत्त त्रिवेदी की पत्नी विमला त्रिवेदी को सोमवार को अधिवक्ता संघ चैंबर में बुलाकर बार कॉउंसिल से निर्गत डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा।