गन्ना किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मामला फिर लंबा खिंचने के आसार बन गए हैं, क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश पर भी मिलों ने अमल नहीं किया है। शासन-प्रशासन के बाद हाईकोर्ट से किसानों को उम्मीद थी। अब बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए किसान किससे फरियाद करेंगे यह सवाल फिलहाल भविष्य के गर्भ में हैं।
ताजा स्थिति पर गौर करें तो आठ अरब 86 करोड़ 13 लाख 28 हजार का भुगतान तीन चरणों में 15 जुलाई 2015 तक सभी नौ चीनी मिलों को करना था, लेकिन मिलों ने दो अरब 45 करोड़ 72 लाख 60 हजार का भुगतान किया है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह की जनहित याचिका की सुनवाई में हाईकोर्ट ने 27 मई 2015 को गन्ना मूल्य भुगतान के संबंध में आदेश जारी किया था। चीनी मिलों को तीन चरणों में कुल अवशेष गन्ना मूल्य का 75 फीसदी भुगतान करने के आदेश दिए थे, जिसके मुताबिक 15 जून 2015 तक 25 फीसदी, 30 जून 2015 तक 50 फीसदी और 15 जुलाई 2015 तक 75 फीसदी धनराशि का भुगतान करना था। जबकि अवशेष 25 फीसदी धनराशि के भुगतान के संबंध में 28 जुलाई को हाईकोर्ट की सुनवाई में फैसला लिया जाना है। पहले चरण में ही चीनी मिलों ने हाईकोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा दिया है। 27 मई से अब तक गोला मिल ने 41 करोड़ 86 लाख 49 हजार, पलिया ने 51 करोड़ 63 लाख 64 हजार, खंभारखेड़ा ने 63 करोड़ 80 लाख 98 हजार, ऐरा ने 13 करोड़ 78 लाख 82 हजार, कुंभी ने दो करोड़ 19 लाख 51 हजार, गुलरिया ने दो करोड़ 25 लाख 16 हजार, बेलरायां ने 35 करोड़ 36 लाख और संपूर्णानगर ने 34 करोड़ 82 लाख रुपये भुगतान किया है। जबकि अजवापुर ने 240 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पूर्ण भुगतान कर दिया हैै।
--
छह अरब से ज्यादा बकाया
किसानों का अब भी मिलों पर छह अरब 12 करोड़ 25 लाख 31 हजार रुपये बकाया है। अब कोर्ट के आदेश पर अमल न होने से किसानों की उम्मीदों को झटका लगा है।
----
कोट..
भुगतान कराने के लिए समय-समय पर चीनी मिल के अध्यासियों के साथ बैठक की गई और नोटिस भी जारी की गई। चीनी मिलों और सरकार के बीच वार्ता चल रही है, जिसका समाधान होने पर किसानों का संपूर्ण भुगतान कराया जाएगा।
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी