मैलानी। दस दिन के भीतर मोहल्ला गौतम नगर में उल्टी-दस्त से पीड़ित एक दंपती और उसके सात वर्षीय बेटे की मौत हो गई। एक परिवार में तीन लोगों की जान जाने से इलाके में हड़कंप है। सूचना पर पीएचसी की टीम ने आकर जांच की, लेकिन आसपास इस बीमारी का कोई प्रकोप न होने की बात सामने आई है।
मोहल्ला गौतम नगर निवासी सुनील ने बताया कि दस दिन पहले उनकी भाभी उर्मिला पत्नी राम गोपाल (35) को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी। उन्होंने मेडिकल स्टोर से दवा ली, लेकिन रात करीब ढाई बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके तीन दिन बाद रामगोपाल के बेट शेखर (7) को उल्टी-दस्त होना शुरू हुए तो उसे भीरा में इलाज के लिए ले जाया गया। वहां निजी चिकित्सक ने दवा देने के बाद अच्छे अस्पताल में दिखाने के लिए कहा। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
बीती रात राम गोपाल (40) की भी उल्टी-दस्त से मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, राम गोपाल को दो दिन पहले ही उल्टी-दस्त शुरू हुए। वह शराब का आदी था। उसने न तो खाना खाया और न ही कोई दवा ली थी।
सूचना पर पीएचसी प्रभारी डॉ संजीव कुमार टीम के साथ दवा आदि लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने अन्य परिजनों और आसपास के लोगों से जानकारी की तो कहीं भी उल्टी-दस्त का प्रकोप नहीं पता चला।
0000
उल्टी-दस्त से तीन मौतों की सूचना पर मैं मौके पर गया था। मोहल्ले व आसपास कहीं भी कोई अन्य उल्टी-दस्त से पीड़ित नहीं मिला। परिजनों के मुताबिक, रामगोपाल शराब का आदी था। बीमार होने पर उर्मिला ने पास में स्थित पीएचसी न आकर प्राइवेट दवा ली। पुत्र शेखर का भी प्राइवेट में इलाज कराया। रामगोपाल ने कहीं भी दवा ही नहीं ली। इससे लापरवाही और समुचित इलाज के अभाव में तीनों की मौत होने की संभावना है।
डॉ. संजीव कुमार, पीएचसी प्रभारी, मैलानी
00
बेसहारा हो गए मासूम शुभांशु और मानसी
राम गोपाल के परिवार में उनकी मां रेवती देवी, बेटा शुभांशु (11) और मानसी (04) बची हैं। तीन साल पहले रेवती को फालिज का अटैक पड़ा था, तब से वह बोल भी नहीं पाती हैं। पहले वह घरों में कामकाज कर गुजारा करती थीं। माता-पिता की मौत के बाद शुभांशु और मानसी बेसहारा हो गए हैं।