लखीमपुर खीरी। बच्चों द्वारा मॉडल बनाए जाने और उनके अंदर की प्रतिभा को निखारने के लिए इंस्पायर अवार्ड योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें आवेदन के अंतिम तिथि 30 सितंबर रखी गई है, लेकिन परिषदीय विद्यालय के शिक्षक इसमें रुचि नहीं ले रहे। मंगलवार तक महज 67 बच्चों के मॉडल ही ऑनलाइन करवाए गए।
एक जुलाई से शुरू हुई इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत स्कूली बच्चों को प्रोत्साहित करने का शिक्षकों को जिम्मा दिया गया था, लेकिन परिषदीय स्कूलों में शिक्षक इस कार्य में किसी प्रकार की दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। हाल यह है कि करीब दो महीने का समय बीतने के बाद अब तक परिषदीय स्कूलों से महज 67 बच्चों ने मॉडल बनाकर आवेदन किया है।
जिले में करीब 1150 स्कूलों से आवेदन कराए जाने हैं। बता दें कि हर स्कूल से पांच बच्चों का प्रोजेक्ट बनाकर आवेदन कराने के निर्देश थे ,लेकिन एकाध स्कूलों को छोड़कर आवेदन करने वाले स्कूलों ने एक, दो और तीन मॉडलों के लिए आवेदन किया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते शासन की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाया जा रहा है।
चयनित बच्चों को मिलेंगे दस हजार रुपये
इंस्पायर अवार्ड योजना में चयनित होने वाले छात्र-छात्राओं के प्रोजेक्ट के बाद उन्हें आगे इसी तरह नए प्रोजेक्टों और ज्ञानवर्धक मॉडलों पर काम करने के लिए दस हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। खीरी जिले के परिषदीय स्कूलों के शिक्षक और अधिकारी लगातार इस योजना की अनदेखी कर रहे हैं। हाल यह है कि बच्चों को इंस्पायर अवार्ड योजना की जानकारी ही नहीं दी जा रही है, जिससे आवेदन की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है।
मंगलवार तक हुए आवेदनों की स्थिति
- कुल परिषदीय स्कूल, जिन्होंने किए आवेदन- 31
- उच्च प्राथमिक विद्यालय- 41 मॉडल
- प्राथमिक विद्यालय- 17 मॉडल
- कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय- 9 मॉडल
5500 आवेदनों का है लक्ष्य
इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत परिषदीय विभाग को कुल स्कूलों के सापेक्ष 5500 का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन धीमी प्रगति और लगातार की जा रही अनदेखी के चलते लक्ष्य अभी 10 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो सका है। आवेदन के लिए महज अब 11 दिन ही बचे हैं। ऐसे में किस तरह से लक्ष्य पूरा किया जाएगा, इस पर कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। फिलहाल विभागीय अधिकारी अंतिम तिथि तक लक्ष्य को पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत लगातार शिक्षकों को बच्चों को प्रोत्साहित कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही नोडल अधिकारी को भी लक्ष्य पूरा कराने के लिए कहा गया है।
- प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए