लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी अब किताबी पढ़ाई के साथ सोलर कुकर, एलईडी टॉर्च, स्मार्ट फोन प्रोजेक्टर और डीसी झालर बनाना सीखेंगे।
लर्निंग बाई डूइंग योजना के पहले चरण में जिले के 30 विद्यालयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मॉडल तैयार करने के लिए हर चयनित विद्यालय को सामग्री खरीदने के लिए 40 हजार रुपये दिए गए हैं।
बीएसए प्रवीण तिवारी ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र में योजना पर 6.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य गतिविधि आधारित शिक्षा के जरिये बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान देना और रचनात्मक क्षमता विकसित करना है। धीरे-धीरे अन्य विद्यालयों को भी योजना में शामिल किया जाएगा।
योजना के तहत विद्यार्थियों को मिट्टी-पानी का परीक्षण, गुड़ व मूंगफली की चिक्की बनाना, फल-सब्जियों से अचार तैयार करना, औषधीय पौधों के उद्यान विकसित करना, वर्मी कंपोस्ट, प्राकृतिक रंग, पेंटिंग, कढ़ाई-सिलाई और वाद्ययंत्र बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। चयनित विद्यालयों में 40 तरह के मॉडल तैयार करने की व्यवस्था है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बीएसए को योजना का बेहतर क्रियान्वयन कराने के निर्देश दिए हैं।