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कोविड-19- टीकाकरण रफ्तार पर संविदा कर्मियों के आंदोलन से लगा ब्रेक

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जिला अस्पताल में टीकाकरण के लिए लगी लाइन।
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विभिन्न मांगों को लेकर सात दिन से चल रहा है कार्य बहिष्कार
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30 नवंबर से पांच दिसंबर तक सिर्फ 60 हजार का हुआ टीकाकरण
लखीमपुर खीरी। स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों की हड़ताल से टीकाकरण अभियान बेपटरी हो गया है। कार्य बहिष्कार से पहले रोजाना जहां करीब 25 हजार लोगों का वैक्सीनेशन हो रहा था, वह अब घटकर मात्र 10 हजार ही रह गया है। ऐसे में देश में ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच प्रभावित टीकाकरण अभियान ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।
कोरोना संक्रमण से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 16 जनवरी से वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ। पहले बुजुर्ग, बीमार और फिर युवा। इसके लिए जिले का लक्ष्य 27,10,966 निर्धारित हुआ, जिसे पूरा करवाने के लिए अधिकारी पूरी मेहनत कर रहे थे। इसी बीच संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार ने टीकाकरण अभियान पर ग्रहण लगा दिया। हड़ताल शुरू होने से पहले यानी 29 नवंबर तक जिले के 288 केंद्रों पर रोजाना 25000 लोगों के वैक्सीन लग रह थी। मगर इन दिनों चल रही हड़ताल के दौरान बमुश्किल दस हजार लोगों का ही प्रतिदिन टीकाकरण हो पा रहा है।
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कोसों दूर है दूसरी डोज का टीकाकरण लक्ष्य
जिले में 27,10,966 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है। अब तक सिर्फ 21,33,642 को प्रथम और 6,90,322 लोगों के ही दूसरी डोज लग सकी है। पहली डोज लगवाने वालों का प्रतिशत जहां 79 है तो वहीं दूसरी डोज मात्र 25 प्रतिशत लोगों के ही लग सकी है।
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हड़ताल से पहले
24 से 29 नवंबर तक वैक्सीनेशन करीब डेढ़ लाख

कार्य बहिष्कार के बाद
30 से पांच दिसंबर तक वैक्सीनेशन करीब 60 हजार

जिले में वैक्सीनेशन अभियान काफी तेज गति से हो रहा था। मगर, संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार से इस पर ब्रेक लग गया। करीब 60 प्रतिशत कर्मियों के हड़ताल पर होनेे के बावजूद पिछले छह दिन में करीब 60 लोगों का टीकाकरण हुआ। दूसरी डोज लगवाने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - डॉ. आरपी दीक्षित, एसीएमओ एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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