बेलरायां/लखीमपुर खीरी। कोरोना योद्धाओं के लिए पीपीई किट की कमी न हो इसके लिए खीरी जिले के निघासन ब्लॉक में भी महिला समूहों ने पीपीई किट बनाने का काम शुरू कर दिया है। पीपीई किट बनाने में निघासन ब्लॉक में संचालित आधा दर्जन से अधिक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को लगाया गया है। पीपीई किट बनाने में किसी भी प्रकार की कोई कमी न हो, इसके लिए बेलरायां सरजू सहकारी चीनी मिल प्रशासन ने भी ब्लॉक को अपना सहयोग प्रदान किया है।
बेलरायां चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सुशील कुमार ने शुक्रवार को अपनी पूरी टीम के साथ पहुंचकर पहले पूरे ब्लॉक को सैनिटाइज कराया। जीएम के निर्देश पर मिल के चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण तिवारी ने सीएचसी प्रभारी डॉ. लालजी पासी की देखरेख में महिलाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। जीएम ने समूह की सभी महिलाओं और कर्मचारियों को सैनिटाइजर वितरित किए और ग्लब्स देकर पीपीई किट बनाने के कार्य को शुरू कराया। जीएम ने सहायक अभियंता सिविल लुकमान खान को आगे भी पूरे ब्लॉक को समय-समय पर सैनिटाइज कराने के निर्देश दिए। सीडीओ अरविंद सिंह के निर्देश पर निघासन ब्लॉक में बनाई जा रही पीपीई किट के लिए पांच स्वयं सहायता समूहों में सक्रिय सहभागिता निभाने वाली महिलाओं को लगाया गया है। बीडीओ आलोक वर्मा ने पीपीई किट तैयार करने में चीनी मिल प्रशासन द्वारा सहयोग करने के लिए जीएम सहित उनकी पूरी टीम का आभार जताया है।
पीपीई किट बना रही टीम को किया गया सैनिटाइज
पलियाकलां ब्लॉक सभागार कक्ष में एनआरएलएम समूह की महिलाएं पीपीई किट और ट्रिपल लेयर मास्क बना रही हैं। चीनी मिल प्रबंधन की ओर से सभी महिलाओं को सैनिटाइज किया गया। सीएचसी अधीक्षक व उनकी टीम ने महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
अब मास्क की नहीं रहेगी कमी, समूहों को कपड़ा भेजा
लखीमपुर खीरी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की महिला समूहों द्वारा शीघ्र ही 80 हजार फेस मास्क बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को विकास भवन के प्रेरणा हाल में लखनऊ से मंगाए गए 10 हजार मीटर कपड़े की कटाई की गई। सीडीओ अरविंद सिंह ने कपड़े की गुणवत्ता का निरीक्षण किया, जिसके बाद कपड़े को काटकर संबंधित महिला समूहों को भेजवाया गया। सीडीओ ने कहा कि जनपद में फेस मास्क की कमी नहीं होने दी जाएगी। 80 हजार फेस मास्क को सरकारी कर्मचारियों समेत आम जनता में वितरण कराया जाएगा। इससे पहले समूहों द्वारा तैयार किए गए 25 हजार फेस मास्क वितरित कराए जा चुके हैं।