लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमितों को पॉजिटिव होने की जानकारी देने के साथ उन तक दवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी उठा रहा कोविड कंट्रोल रूम खुद बीमार है, क्योंकि संक्रमितों तक कई-कई दिन तक न तो दवाएं पहुंच रहीं हैं, और न ही संक्रमित क्षेत्र में सैनिटाइजेशन का काम हो रहा है। वहीं, जांच कराने वाले लोग भी रिपोर्ट लेने के लिए खुद ही जिला अस्पताल के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
जिला प्रशासन ने एएनएम ट्रेनिंग सेंटर को कोविड कंट्रोल रूम बनाया है, जहां पर सीएचसी-पीएचसी, जिला अस्पताल एवं सीएमओ कार्यालय स्टाफ की ड्यूटी लगी है। कोरोना संक्रमित होने पर मरीज के लिए डॉक्टरों से संपर्क करने का एक मात्र जरिया कोविड कंट्रोल रूम की हेल्पलाइन है। संक्रमित बताते हैं कि हेल्पलाइन पर फोन करने पर फोन उठता तो है, लेकिन दवाएं 24 से 36 घंटे के बाद मिलती हैं। साथ ही संक्रमति क्षेत्र का सैनिटाइजेशन कराने के लिए आश्वासन मिलता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। कंट्रोल रूम से जुड़े लोगों का कहना है कि सैनिटाइज कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, जिसके लिए नगर पालिका को कह दिया जाता है। उधर नगर पालिका का दावा है कि वह सैनिटाइजेशन के लिए तैयार है पर उन्हें सूचना ही नहीं मिलती।
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स्टाफ की कमी बनी मरीजों के लिए परेशानी
जांच में संक्रमित मिल रहे मरीजों को दवाएं देने के लिए जिले में 38 रैपिड रिस्पांस टीमें हैं, जिसमें सात नगर के लिए और 31 ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हैं। बताते हैं कि पॉजिटिव मिलने वालों की जो सूची तैयार की जाती है, उसमें सिर्फ नाम और मोबाइल नंबर होता है। पता न होने के कारण रैपिड रिस्पांस टीम को संक्रमित ढूंढने में दिक्कत होती है। कई बार ऐसा होता है कि यदि एक मोहल्ले में दो संक्रमित हैं तो एक का मोबाइल नंबर बंद होने के कारण टीम एक को दवा देकर लौट जाती है। बाद में फिर से टीम को दौड़ना पड़ता है।
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कोविड कंट्रोल रूम हेल्पलाइन- 7269039587, 7269039532,7269039540
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केस- एक
मोहल्ला संकटा देवी निवासी राहुल गुप्ता ने बताया कि चार दिन में परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। सभी को सांस लेने में दिक्कत थी। वह स्वयं बुुखार से पीड़ित हैं, साथ ही मोहल्ले में कई और लोग भी बीमार हैं। कंट्रोल रूम पर फोन कर सैनिटाइजेशन और जांच कराने की मांग की, लेकिन 24 घंटे तक कोई नहीं आया। सूचना सभासद को भी दी फिर भी कुछ नहीं हुआ।
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केेस- दो
मोहल्ला राजगढ़ निवासी अखिलेश कुमार बताते हैं कि 16 अप्रैल को जांच कराई। परिवार में कई लोग संक्रमित मिले। कंट्रोल रूम पर फोन कर जानकारी दी। कई दिन बाद कोरोना किट देकर गए। मगर, एक सप्ताह बीतने के बाद भी मोहल्ले में सैनिटाइजेशन नहीं हुआ।
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केस- तीन
मोहल्ला अर्जुनपुरवा निवासी कंवलजीत सिंह ने बताया कि दो दिन पहले जांच कराने पर पॉजिटिव होने की जानकारी मिली, जिस पर इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को दी और 24 घंटे तक दवा मिलने का इंतजार करते रहे लेकिन दवा नहीं मिली। थक-हारकर जब दवा नहीं मिली तो बाजार से मंगवाई।
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केस- चार
भुईफोरवा नाथ वार्ड निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वार्ड में एक युवक की कोरोना से मौत हो गई। न तो जांच के लिए टीम पहुंची और न ही सैनिटाइजेशन हुआ। दो दिन बीत गए हैं। मगर, जब किसी ने संज्ञान नहीं लिया तो मजबूरन सीएम पोर्टल पर शिकायत की।
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शनिवार और रविवार को पूरा शहर सैनिटाइज होगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। कोई गली और सड़क शेष नहीं रहेगी। जिन मोहल्लों में संक्रमितों की संख्या ज्यादा है, वहां पर विशेष तौर पर सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।
-आरआर अंबेष, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका