लखीमपुर खीरी। जुलाई में अनलॉक और काफी संख्या में संदिग्धों की जांच से संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे में अब और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि इस महीने अधिक बारिश होने की संभावना है और समूह में मनाए जाने वाले त्योहार भी काफी हैं। ऐसे में मेहमानों का आना जाना रहेगा। जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए न तो किसी के घर जाएं और न ही अपने घर पर मेहमान बुलाएं।
अगस्त की शुरुआत ही ईद उल अजहा से हुई है। इसके बाद सोमवार को रक्षाबंधन और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस है। इसके बाद श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, हरितालिका तीज, गणेश चतुर्थी आदि ऐसे कई त्योहार होंगे, जिसमें लोग समूह में इकट्ठा होते हैं। हालांकि शासन ने सार्वजनिक रूप से त्योहार मनाने पर रोक लगा रखी है। मगर, फिर भी लोग त्योहारों पर न तो सामाजिक दूरी का पालन करते हैं और न मास्क लगाते हैं। इसलिए बारिश के मौसम में पड़ने वाले त्योहार मनाने में विशेष सावधानी रखें। देवकली तीर्थ के पंडित प्रमोद दीक्षित बताते हैं त्योहार मनाएं मगर, सामाजिक दूरी रखकर। भगवान भक्ति के भूखे हैं न कि भीड़ के।
ये बरतें सावधानी
जरूरी होने पर ही मास्क लगाकर घर से बाहर निकलें। घर से बाहर जाने के लिए एक सदस्य नामित कर लें। गर्भवती, बुजुर्ग और बच्चों को घर से बाहर न जाने दें। दो गज की दूरी रख खुद को बचाएं। बाजार जाते समय घर से थैला व सैनिटाइजर साथ लेकर जाएं। घर आकर जूते, कपड़े सैनिटाइज करें, स्नान के बाद ही कमरे में जाएं। ऑटो एवं सार्वजनिक वाहनों में बैठने से बचें, बाजार पैदल जाएं। दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाएं। इससे पूरा चेहरा सुरक्षित रहेगा और संक्रमण का खतरा भी कम होगा। संक्रमण काल में मेहमान नवाजी से बचें। न खुद किसी के घर जाएं और न ही अपने यहां बुलाएं।
एक ही मास्क रोज लगाना है खतरनाक
यदि आप एक ही मास्क रोज लगा रहे हैं तो यह खतरनाक है। डॉक्टर बताते हैं कि दो मास्क रखकर इनका एक-एक दिन प्रयोग करें। मास्क धोकर सैनिटाइज करें, जिससे वह विसंक्रमित हो जाएं।
बारिश में सर्दी, जुकाम, बुखार की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में न तो लापरवाही करें और न ही स्वयं दवा लें। सरकारी अस्पताल में दिखाएं, क्योंकि कोरोना के लक्षण भी इससे मिलते जुलते हैं। लापरवाही स्वयं के साथ घरवालों के लिए मुसीबत बन सकती है।
-डॉ.आरसी अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल