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संक्रमित भाई- बहन को लखनऊ भेज दुर्गापुर मोहल्ले को बनाया कंटेन्मेंट जोन

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लखीमपुर खीरी। दिल्ली में ननिहाल से माता-पिता के साथ लौटे भाई बहन की जांच में एक दिन पहले कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि होने पर जिला प्रशासन ने शनिवार को दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेज दिया है। साथ में मां को भेजा गया है। वहीं बच्चों के पिता को डायट में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने शहर के वार्ड अर्जुनपुरवा के मोहल्ला दुर्गापुर को कंटेन्मेंट जोन घोषित करते हुए वहां बैरिकेडिंग करा दी है।
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शहर के अर्जुनपुरवा वार्ड के मोहल्ला दुर्गापुर में किराये के मकान में रह रही एक महिला अपने पति, एक साल के बेटे और पांच साल की बेटी के साथ दिल्ली में मायके गई थी। लॉकडाउन के चलते उन्हें वहीं रुकना पड़ा। तीन दिन पहले दंपती बच्चों को लेकर लौटे तो स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजकर उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया था। शुक्रवार रात आई जांच रिपोर्ट में दोनों बच्चे कोरोना पॉजिटिव मिले, वहीं दंपती निगेटिव आए। शनिवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम दुर्गापुर पहुंची और बच्चों को मां के साथ नकहा के जगसड़ में कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। डीएम के निर्देश पर दोपहर बाद बच्चों को मां के साथ उपचार के लिए लखनऊ भेज दिया गया। सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल के मुताबिक बच्चों को बेहतर इलाज दिलाने के लिए लखनऊ भेजा है, हालांकि खतरे की कोई बात नहीं है। पड़ोसियों के मुताबिक बच्चों के दादा दादी का मकान हाथीपुर उत्तरी में है। वहां भी इन लोगों का आना जाना होता रहा है। स्वास्थ्य महकमे ने संक्रमित बच्चों के संपर्क में आने वालों की जानकारी जुटाकर स्क्रीनिंग कराई है।
मोहल्ला सीज कर स्वास्थ्य टीम ने की स्क्रीनिंग
कोरोना संक्रमित मिलने पर मोहल्ला दुर्गापुर को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर सीज कर दिया गया है। स्वास्थ्य महकमे में संक्रमित बच्चों के घर की गली बल्ली लगाकर बंद कर दी है। आसपास के घरों में रहने वालों को घर में ही रहने को कहा है। एसीएमओ डॉ. एसके चक के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य टीमों ने दुर्गापुर और हाथीपुर उत्तरी में लोगों की स्क्रीनिंग की।
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किरायेदारों की बढ़ी मुसीबत
दुर्गापुर के जिस मकान में दंपती रहते हैं उसमें दो अन्य किरायेदार सहित कुल नौ सदस्य रह रहे हैं। स्वास्थ्य महकमा किरायेदारों के साथ उनके संपर्क में आने वालों की भी जांच कराएगा। इसके लिए लोगों की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। खुलकर बोलने से बचते हुए किरायेदार बताते हैं कि हम लोगों ने ऐसी स्थिति में उन्हें आने से मना किया था, लेकिन दिल्ली से आकर बड़ा रिस्क ले लिया।
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