लखीमपुर खीरी। कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने से पुन: लॉकडाउन लागू होने की अफवाहें तेज हो गईं हैं, जिससे बाजार में ओवररेटिंग का खेल फिर से शुरू हो गया है। पहले मुनाफाखोरी कर चुके बड़े कारोबारी फिर से मोटा माल कमाने के चक्कर में हैं। पान मसाला, बीड़ी-सिगरेट के जमाखोरों ने थोक रेट बढ़ा दिए हैं। वहीं अन्य आवश्यक वस्तुओं को स्टॉक करने की होड़ बढ़ गई है। इससे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है। वहीं अनलॉक-1 के बाद सरकारी तंत्र भी सुस्त पड़ गया है, जिससे कुछ बड़े व्यापारी मनमानी पर उतारू हैं। शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरेटिंग की जा रही है।
पहले लॉकडाउन में जमाखोरों से लेकर थोक विक्रेताओं ने ओवररेटिंग कर भारी मुनाफा कमाया था। हालात यह थे कि तीन रुपये वाला पान मसाला पांच गुने रेट पर यानी 15 रुपये में बिका था। इसी तरह तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट के रेट आसमान छूने लगे थे। अनलॉक-1 के बाद बाजार सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई अन्य राज्यों में कोरोना पॉजिटिव केस बढ़ने के बाद फिर से लॉकडाउन बढ़ाए जाने की अफवाहें जोर पकड़ने लगी हैं। दुकानदारों से लेकर आम आदमी में लॉकडाउन दोबारा लागू होने की बात सुनकर हड़कंप मचा है। बाजार में भी अफरा-तफरी बढ़ गई है, जिससे दुकानदारों और बड़े व्यापारियों ने कई वस्तुओं के रेट बढ़ा दिए हैं। ग्राहकों द्वारा विरोध किए जाने पर दुकानदार बताते हैं कि थोक व्यापारी ही महंगा करके माल दे रहा है, तो मजबूरी में उसने भी रेट बढ़ाए हैं।
निगरानी समितियां भी हुई सुस्त
लॉकडाउन से छूट मिलने के बाद बाजार की निगरानी करने के लिए बनी निगरानी समितियां भी सुस्त पड़ गई हैं। इससे भी व्यापारी बेखौफ होकर ओवररेटिंग करने में जुटे हैं। वहीं बाजार में दुकानों के खुलने के अलग-अलग दिन निर्धारित होने के बावजूद लगातार सभी दिनों में दुकानें खोली जा रही हैं। जो बाजार में भीड़ बढ़ने का प्रमुख कारण बन गया है।
अभी लॉकडाउन बढ़ाए जाने की कोई सूचना नहीं है। कुछ लोग अफवाहें उड़ा रहे हैं, जिनसे सतर्क रहें। बाजार में ओवररेटिंग का मामला पाया जाता है, तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगरानी टीम को अलर्ट किया है और रोस्टर का उल्लघंन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम