लखीमपुर खीरी। करीब ढाई माह बाद सोमवार से धार्मिक स्थलों के कपाट खोलने को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर धर्मगुरुओं ने श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक स्थलों पर आकर पूजा, इबादत और प्रार्थना करने के लिए गाइड लाइन तय की है। इसका सभी को पालन करना होगा। मंदिरों में घंटे घड़ियाल बजाना और बिना मास्क के प्रवेश वर्जित रहेगा। धर्म गुरुओं का कहना है कि प्रार्थना और इबादत के लिए शासन की जो गाइड लाइन होगी उसका कड़ाई से पालन किया जाएगा। दस साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों का धार्मिक स्थलों में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कुछ धार्मिक स्थलों को रविवार को सैनिटाइज भी किया जाएगा। एक बार में सिर्फ पांच श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा।
उचौलिया। पनाहपुर स्थित ईस्टर मेमोरियल चर्च, मंदिर और गुरुद्वारे में तैयारी शुरू हो गई है। गुरुद्वारा नानकसर के सेवादार सिमरप्रीत सिंह ने बताया गुरुद्वारा आने वालों से सामाजिक दूरी का पालन कराया जाएगा और मुख्य जत्थेदार बाबा गुरुनाम सिंह के निर्देशानुसार ही अमावस्या पर होने वाले विशेष सबद-कीर्तन के संबंध में निर्णय किया जाएगा।
एक बार में सिर्फ पांच भक्तों का ही प्रवेश मिलेगा। गर्भगृह में प्रवेश नहीं होगा। न घंटा बजाने की अनुमति होगी और न ही परिक्रमा करने की। मास्क लगाकर आना होगा। सामाजिक दूरी का पालन कराया जाएगा।
-पंडित मदन शुक्ला, पुजारी मां संकटा देवी मंदिर
धार्मिक स्थल खोलने के लिए शासन के निर्देशों का पालन होगा। मस्जिद आने वालों से सामाजिक दूरी का पालन कराया जाएगा। एक बार में पांच लोगों को ही प्रवेश मिलेगा। बिना मास्क प्रवेश वर्जित रहेगा। बच्चे और बुजुर्ग घर पर ही रहकर नमाज पढ़ें।
-मौलाना इश्हाक, पेश इमाम जामा मस्जिद
गुरुद्वारे में प्रवेश उन्हीं को मिलेगा जो मास्क लगाए होंगे। एक बार में पांच लोगों को ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मत्था टेकने की अनुमति होगी। गुरुद्वारे को रोजाना सैनिटाइज कराया जाएगा।
-सरदार काला सिंह, प्रबंधक गुरुद्वारा कौड़ियाला
सोमवार को चर्च खुलेगा, मगर आराधना 14 जून से शुरू होगी। साफ-सफाई के साथ चर्च को सैनिटाइज कराया जाएगा। मास्क लगाना और सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। एक बार में पांच लोगों को ही प्रवेश मिलेगा। छोटे बच्चे और बुजुर्ग आराधना में शामिल नहीं हो सकेंगे।
-सुरेश मिल्टन, पादरी, पनाहपुर चर्च