धौरहरा/ईसानगर। घाघरा नदी बीच में होने के कारण थाना ईसानगर क्षेत्र के टेढ़ी गौड़ी गांव में पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है। लोग नाव या कच्चे-पक्के रास्ते से रोज नदी पार करते हैं। शुक्रवार को प्रवासी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करने जा रही स्वास्थ्य टीम की एंबुलेंस रेत में फंस गई। जिसके चलते टीम को करीब तीन किलोमीटर रेत में पैदल चलना पड़ा।
दिल्ली और मुंबई से लौटे नदी पार गांवों के 84 मजदूरों को टेढ़ी गौड़ी प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन किया गया था, जिनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सीएचसी अधीक्षक बीके स्नेही की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम एंबुलेंस से रवाना हुई। गांव पहुंचने से तीन किलोमीटर पहले ही एंबुलेंस रेत में फंस गई, जिसे निकालने के लिए टीम ने पहले धक्का लगाया, जब तब भी एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ी तो तीन किलोमीटर पैदल चलकर नाव से नदी पार कर टीम टेढ़ी गौड़ी प्राथमिक विद्यालय पहुंची। जहां सभी प्रवासी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। एंबुलेंस को ट्रैक्टर की मदद से निकाला गया। स्वास्थ्य टीम के इस हौसले की सीएचसी अधीक्षक बीके स्नेही ने सराहना की। उन्होंने कहा कि भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस गांव में पहुंचना कठिन है। सुगम मार्ग बहराइच जिले से मिहींपुरवा से होकर आता है। अब टीम इसी रास्ते से गांव पहुंचेगी।