बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। लॉकडाउन के दौरान विभिन्न प्रांतों में फंसे खीरी जिले के प्रवासी श्रमिकों को उनके ही घरों के आसपास रोजगार मुहैया कराने की सरकार की मंशा के अनुरूप दुधवा टाइगर रिजर्व ने अपनी कार्ययोजना बनाना शुरू कर दी है। जिले के अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें वन प्रबंधन के कार्यों में लगाने की योजना बनाई जा रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व इस कार्ययोजना को जल्द ही प्रदेश सरकार को भेजेगा। इसके बाद मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व में ग्रासलैंड, वेटलैंड के रखरखाव मार्गों और पुल-पुलियों के निर्माण, फायर लाइन की कटिंग, सीमांकन समेत तमाम ऐसे कार्य होते हैं, जिनके लिए वन विभाग को हमेशा बजट की कमी रहती है। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन में इधर-उधर फंसे हजारों मजदूर जिले में वापस आ गए हैं उनका रोजगार छिन चुका है। रोजी-रोटी की समस्या उनके सामने है। ऐसे में सूबे की सरकार ने उन्हें प्रदेश में ही रोजगार मुहैया कराने की योजना बनाई है। इसी के तहत वन विभाग में भी इन मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री ने मंशा जाहिर की है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि टाइगर रिजर्व समेत बफरजोन में ईको डेवलपमेंट, वेटलैंड और ग्रासलैंड के रखरखाव, जंगल को आग से बचाव, रास्तों और पुल-पुलियों के निर्माण की कार्ययोजना बनाई जा रही है। जिसमें दुधवा नेशनल पार्क और बफरजोन डिवीजन में करीब दो हजार मजदूरों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध होगा। वहीं दुधवा टाइगर रिजर्व में वन प्रबंधन का कार्य अधिक बेहतर ढंग से हो सकेगा।