लखीमपुर खीरी। महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात के अलावा दूसरे जिलों से प्रवासी मजदूरों के लौटने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को करीब 60 बसों से 1700 प्रवासी मजदूर लाए गए। इन्हें शहर समेत विभिन्न स्थानों पर बनाए गए स्क्रीनिंग कैंपों में रखा गया है, जहां पर डॉक्टरों की टीम चिकित्सीय परीक्षण कर रही है। जिनमें लक्षण नहीं मिले, उन्हें राशन किट देकर होम क्वारंटीन किया गया है। जबकि संदिग्ध लक्षण वाले मजदूरों को स्क्रीनिंग कैंप में ही रोका गया है और इनकी कोरोना जांच कराई जाएगी।
लॉकडाउन के बाद दूसरे राज्यों के अलावा नोएडा, गाजियाबाद आदि जिलें से अब तक 30569 प्रवासी मजदूर लौट चुके हैैं। सोमवार को प्रवासी मजदूरों का आंकड़ा 1695 से बढ़कर 2575 तक पहुंच गया। विभिन्न राज्यों से बसों के जरिए इन्हें लाया जा रहा है। कुछ दिनों से दूसरे राज्यों से प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला तेज होने पर जिला प्रशासन ने इनके लिए छह नए स्क्रीनिंग कैंप बनाए थे, जिनमें तहसीलवार मजदूरों को रखा गया है। सीतापुर रोड स्थित रायल प्रूडेंस कॉलेज, अजय शांति डिग्री कॉलेज, रामेश्वर दयाल डिग्री कॉलेज, विवेकानंद इंटर कॉलेज बाबागंज, युवराज दत्त इंटर कॉलेज ओयल और सृजन हास्पिटल पैरा मेडिकल कॉलेज में बने स्क्रीनिंग कैैंपों में प्रवासी मजदूरों को रखा जा रहा है, जहां जांच के बाद स्वस्थ्य पाए गए मजदूरों को राशन किट देकर होम क्वारंटीन किया गया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को करीब 1700 प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों से रोडवेज बसों से लाए गए हैं। इनकी मेडिकल जांच कराई जा रही है। सही पाए गए मजदूरों को उनके गांवों में भेजकर होम क्वारंटीन किया जा रहा है, जहां पर निगरानी समितियां इन पर नजर रख रही हैं। संदिग्ध लक्षण वाले मजदूरों को स्क्रीनिंग कैंपों में ही क्वारंटीन किया जा रहा है, जिससे उनके नमूने की जांच कराई जा सके।