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फूलों की रंगत बेपनाह..पर ढूंढे नहीं मिल रहे कद्रदां

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बांकेगंज के खेतों में खिले गेंदा के फूल। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। कोरोना संक्रमण के चलते एक महीने से अधिक जारी लॉकडाउन में फूलों की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लॉकडाउन में सभी धार्मिक स्थल और मांगलिक कार्य बंद हैं। ऐसे में इन फूलों को न दूसरी जगहों पर भेजा जा रहा है न ही उनकी स्थानीय स्तर पर खपत हो रही है।
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बांकेगंज कस्बा सहित ब्लॉक क्षेत्र में कई किसान गेंदे के फूलों की खेती कर रहे हैं। फूलों की यह खेती उनकी आर्थिक समृद्धि का साधन भी बनी हुई है। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण ने फूलों की खेती को चौपट करके रख दिया है। फूलों का उत्पादन तो हो रहा है, लेकिन उनके खरीदार नहीं हैं। जिससे खेतों में लगे फूलों के मुरझाने के साथ ही किसानों के चेहरे भी मुरझाने लगे हैं। गेंदा फूलों की खेती करने वाले कस्बा निवासी किसान यदुनंदन सिंह ने बताया कि अन्य फसलों को कोल्ड स्टोर में रखकर उन्हें सहेजा जा सकता है, लेकिन फूल दो दिन से ज्यादा सुरक्षित नहीं रखे जा सकते।
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