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बाहर से आने वालों की मेडिकल जांच न होने से ग्रामीणों को सता रहा डर

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लखीमपुर खीरी। कोरोना कंट्रोल रूम में अब तक 800 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिसमें से 450 शिकायतों का निस्तारण कराने का दावा प्रशासन ने किया है। शिकायतों में सबसे ज्यादा गांव में बाहर से आए लोगों का चिकित्सीय परीक्षण न कराए जाने को लेकर आई हैं। पूरे देश में लॉकडाउन किए जाने के बाद से गांवों में काफी संख्या में लोग दिल्ली, नोएडा समेत दूसरे राज्यों से पहुंचे हैं। इससे सशंकित लोग कोरोना कंट्रोल रूम पर खूब शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। वहीं दो नागरिकों के विदेश से 12 मार्च के बाद लौटने की सूचना मिली है।
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बाहर से आए लोगों को गांवों में क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है, लेकिन अभी भी कुछ लोग क्वारंटीन सेंटरों में नहीं पहुंचे हैं या फिर खुद को घरों में छिपा रखा है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि बाहर से आए सभी लोगों को क्वारंटीन सेंटरों में पहुंचा दिया गया है। जो लोग 12 मार्च या इसके बाद विदेश से लौटे हैं, ऐसे लोगों के लिए डीएम ने सोमवार को हेल्पलाइन नंबर जारी कर मंगलवार की शाम तक सूचना मांगी थी। ताकि ऐसे सभी नागरिकों की मेडिकल स्क्रीनिंग कराई जा सके। इसके बाद मंगलवार को कंट्रोल रूम में स्विटरलैंड और न्यूजीलैंड से आए दो नागरिकों की सूचना प्राप्त हुई है, जिनका मेडिकल स्क्रीनिंग कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है। इनमें एक शहर के मोहल्ला काशीनगर के पड़ोसी ने स्विटजरलैंड से यात्रा कर लौटे व्यक्ति के बारे में सूचना दर्ज कराई है, जबकि बिजुआ में न्यूजीलैंड से 16 मार्च को लौटे व्यक्ति ने स्वयं कंट्रोल रूम को सूचना दी है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि करीब 600 शिकायतें ऐसी हैं, जिसमें लोगों ने बाहर से आए लोगों के बारे में जानकारी देकर उनकी मेडिकल जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा 175 शिकायतें राशन की आपूर्ति के संबंध में आई, जिसका वितरण एक अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगा। नगर विकास से संबंधित 20 शिकायतें सैनिटाइज कराने के लिए आईं हैं, जिनका निस्तारण कराने के निर्देश संबंधित अधिशासी अधिकारियों को दिए गए हैं।
बाहर से आया है और गांव में खांसता घूम रहा है.....
गांवों में कोरोना को लेकर इतना खौफ पसरा है या कहे जागरूकता आ गई है कि गांव में किसी को खांसी आई, तो उसकी शिकायतें कंट्रोल रूम में पहुंच जाती है। अब तक सैकड़ों शिकायतें ऐसी दर्ज की गई हैं, जिनमें पड़ोस के लोगों ने बताया कि बाहर से आया है और गांव में खांसता घूम रहा है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मौसम के चलते इस समय खांसी आना सामान्य लक्षण हैं। जब चारों लक्षण खांसी, जुकाम, बुखार और गले में दर्द हो, तो ऐसे रोगी को कोरोना संदिग्ध माना जाएगा।
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