लखीमपुर खीरी। दूसरे राज्यों व महानगरों से घरों को लौट रहे मजदूरों को लेकर ग्रामीण सशंकित हैं। उन्हें डर है कि कहीं यह मजदूर उनके लिए खतरा न बन जाएं। हालांकि पुलिस व प्रशासन इन पर नजर रख रहा है। गांवों के बाहर स्कूलों में उन्हें रखने की व्यवस्था की गई है, लेकिन कुछ लोग वहां न रुककर चोरी-छुपे अपने घरों को भाग जा रहे हैं। ग्रामीण खुद ही आने वालों से पूछताछ कर दूरी बना रहे हैं।
तिकुनियां। रविवार को सौ से अधिक लोग दिल्ली, गाजियाबाद, रानीखेत, लुधियाना आदि से गांव सहनखेड़ा, सुथाना बरसोला, बनवीरपुर, बेलरायां, तिकुनियां, तकियापुरवा, जसनगर, निबौरिया सहितकई गांवों में लौटकर आए हैं। मजदूरों के मुताबिक कहीं पैदल तो कहीं ट्रकों से आए। कहीं पुलिस ने फरिश्ता बनकर कुछ दूरी तय कराई। गांव पहुंचे मजदूरों में कुछ को तो ग्राम प्रधानों की सुपुर्दगी में किया गया है तो कुछ मजदूर चुपके से अपने घरों को चले गए हैं। पुलिस उनका पता लगा रही है। हालांकि पुलिस का दावा है के बाहर से आने वाले मजदूरों को मेडिकल जांच कराने के बाद प्रधान की देखरेख में दिया गया है। ग्राम पंचायत सिसवारी में 18 मजदूरों को उच्च प्राथमिक स्कूल में आइसोलेट कराया गया है। ग्राम प्रधान सरोज कुमार ने बताया मजदूरों के लिए नाश्ता खाना बिस्तर की व्यवस्था कराई गई है। अभी इन मजदूरों की जांच नहीं हो पाई है। पीएचसी प्रभारी डॉ. अरविंद पटेल सुथना बरसोला में 11 मजदूरों को जांच के बाद ठहराया गया है। बरसोला में पांच मजदूर आए हैं, जिनकी खोज की जा रही है। ग्राम पंचायत भेड़ौरी, निबौरिया, मोतीपुर सहित कई गांवों में आने के बाद गायब हुए मजदूरों की पुलिस तलाश कर रही है।
गोला गोकर्णनाथ। बाहर से आए लोगों की संख्या काफी बढ़ गई है। दो दिनों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 310 लोगों का परीक्षण किया गया। राहत रही कि कोई व्यक्ति कोरोना संदिग्ध नहीं मिला। फिर भी डॉक्टरों ने 14 दिनों तक क्वारंटीन की सलाह दी। प्रशासन ने भी बाहर से आए लोगों को परिवार वालों व अन्य से दूर रखने के लिए नगर और क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालयों को क्वारंटीन सेंटर बनाया है, जहां गिनती के ही लोग पहुंचे हैं। वहीं अन्य बाहर से आए लोग इस महामारी को दर किनार कर अपने घर चले गए। जिन्होंने न तो अपनी और न ही अपनों की परवाह की। ऐसे में बाहर से आए लोग कहीं मुसीबत न बन जाएं ऐसी आशंका बनी है।
अमीरनगर। तीसरे दिन भी दूसरे राज्यों और जिलों से फंसे लोग अपने घरों को जाने के लिए शाहजहांपुर, मोहम्मदी हाइवे पर भूखे, प्यासे तांगे पर बैठकर गंतव्य के लिए निकलते रहे।
कई मजदूरों की तलाश कर रही पुलिस
बेलरायां में कई लोग लुधियाना, दिल्ली आदि स्थानों से रात अपने घरों को लौटे। उन्हें सुबह जब इस बात की जानकारी हुई कि पुलिस बाहर से आने वालों को ग्राम भेड़ौरी में आइसोलेशन में 14 दिन के लिए भेज रही है। यह सुनकर कई लोग घरों में छुप गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। चौकी प्रभारी योगेश तेवतिया ने बताया कि कुछ मजदूर घरों से चुपचाप निकल गए हैं। उनकी पहचान कर तलाश कराई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप: रात में भाग जाते हैं क्वारंटीन किए लोग
महंगापुर क्षेत्र के पढुवा, त्रिकोलिया, गदनियां, लगदहन आदि के ग्रामीणों ने बताया कि कई ग्रामीण बाहर से वापस आए हैं। पुलिस ने उनके रुकने की भी व्यवस्था की है लेकिन लोग कोरोना की समस्या को समझने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग देर रात में क्वारंटीन कक्ष से घर भाग आते हैं और सुबह फिर से वहीं पहुंच जाते हैं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने संपूर्णानगर पुलिस से की है। इस बाबत थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है, जांच शुरू की जा चुकी है। जांच के बाद निश्चित रूप से ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
बिना जांच कराए घर पहुंचे लोग
मझगईं इलाके के बेला गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई युवक दिल्ली में काम कर रहे थे। लॉकडाउन के चलते करीब एक दर्जन लोग बाहर से वापस आ गए हैं लेकिन उन्होंने जांच नहीं कराई है। जिससे अन्य ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्राम प्रधान अरविंद कुमार ने बताया कि स्कूल में बनाए गए क्वारंटीन केंद्र में चार लोगों को रखा गया है बाकी लोगों की जानकारी ली जा रही है। उधर, मझगईं प्रधानपति अवधेश गुप्ता ने बताया कि कस्बा के झन्नापार स्थित स्कूल में क्वारंटीन केंद्र बनाया गया है जिसमें 12 लोगों को रखा गया है। जो भी बाहर से आएगा उसको 14 दिन के लिए इस केंद्र में रखा जाएगा।
बाहर से आने वालों को तहसील व ग्राम स्तर पर बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में 14 दिनों के लिए रखा जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति वहां से निकल जाता है तो संबंधित बीट सिपाही को ग्राम प्रधान का सहयोग लेकर उसे पुन: सेंटर में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है।- शैलेंद्र कुमार सिंह,डीएम