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कोरोना के चलते 138 कैदियों को मिल सकती है राहत

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लखीमपुर खीरी। कोरोना खतरे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जेल प्रशासन ने कारागार में निरुद्ध 138 बंदियों की सूची न्यायालय व शासन को भेजी है। जिसमें 32 कैदी भी शामिल हैं। इससे जेल में सजा काट रहे कैदियों को रिहाई की उम्मीद बढ़ गई है। बता दें कि कोरोना के खतरे को देखते हुए शीर्ष अदालत ने जेल में बंद कुछ लोगों को जमानत पर छोड़ने के आदेश दिए थे। अदालत के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने एडवाइजरी जारी कर जेल में बंद कैदियों को जमानत पर छोड़ने का फैसला लिया है। जेल अधीक्षक आरबी पटेल ने बताया कि जिला कारागार में 106 ऐसे बंदी हैं जिन पर न्यायालय में मुकदमा चल रहा है और जिन्हें सात साल से कम की सजा मिली है। इन सभी से प्रार्थना पत्र लेकर न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। जिसके बाद न्यायालय निर्णय देगा कि कौन-कौन जमानत पर रिहा किया जाए। 32 सजायाफ्ता कैदियों की सूची भी शासन को भेज दी गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि प्रार्थना पत्र के बाद जो बंदी न्यायालय से रिहा किए जाएंगे। उन्हें करीब दो महीने की जमानत पर छोड़ा जाएगा। जिसके लिए प्रशासन अपनी कार्रवाई कर रहा है।
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सामाजिक दायरे में रह रहे बंदी और कैदी
कोराना संक्रमण को देखते हुए जेल में बंदियों और कैदियों को सामाजिक दूरी बनाकर रखा जा रहा है। जेल में वर्तमान समय में 1402 बंदी और कैदी हैं। जेल में सैनिटाइजर बनाने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए जरूरी सामान भी जेल प्रशासन ने मुहैया कराया है। जेल अधीक्षक आरबी पटेल ने बताया कि जेल में कोरोना सेफ्टी यूनिफार्म बनवाने की सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा जेल में सैनिटाइजर बनवाने की भी योजना है। इसके लिए आवश्यक चीजें मंगवाई जा रही हैं। शीघ्र ही सैनिटाइजर बनवाने का काम शुरू हो जाएगा। संवाद
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