लखीमपुर खीरी। कोरोना के संक्रमण की रोकथाम को देश में जारी लॉकडाउन के दौरान शुक्रवार को मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करने के लिए नमाजी जमा नहीं हुए। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना इशहाक खां सहित तीन लोगों ने मस्जिद और अकीदतमंदों ने घरों में ही नमाज पढ़ी और अल्लाह के आगे हाथ फैलाकर देश की सलामती के लिए दुआ मांगी।
मैलानी में नमाज से पहले ही मस्जिदों से एलान किया गया कि कोरोना को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के तहत जुमा की नमाज अदा करने को नमाजी मस्जिदों में नहीं आएं और घर पर ही नमाज पढ़े। इस एलान के बावजूद नमाज के वक्त मस्जिद के बाहर पुलिस की तैनाती की गई। हालांकि एलान होने के बाद मुस्लिमों ने अपने-अपने घर पर ही जुमे की नमाज अदा की।
मझगईं चौकी इंचार्ज उग्रसेन सिंह ने एनाउंस कर मुस्लिमों से जुमे की नमाज मस्जिदों की जगह घर पर अदा करने की अपील की। जिसके बाद नौगवां, छब्बापुरवा, कोठिया, बेला, गुलरा टांडा, बल्लीपुर में भी लॉकडाउन के चलते जुमे की नमाज लोगों ने घरों में अदा की।
अमीरनगर में लोगों ने घरों में नमाज अदा कर कोरोना वायरस से देश की सलामती की दुआ मांगी।
ममरी। एसओ हैदराबाद सुनीत कुमार ने धिरावां, गनेशपुर, सरकारगढ़, मुरादपुर, दतेली, अहमदनगर, रोशननगर, मूड़ाविश्नू, अजान आदि स्थानों की मस्जिदों का निरीक्षण कर जुमे की नमाज घरों में ही पढ़ने की हिदायत दी। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बिजुआ, गुलरिया, पड़रिया, भीरा, नौसर गोंधिया, नब्बूपुरवा समेत सभी मस्जिदों में सिर्फ पेश इमाम ने नमाज पढ़ी, बाकी लोगों ने अपने घरों से नमाज अदा की।
खीरी टाउन में जुमे की नमाज के बाद लोगों ने घरों में कोरोना के बचाव के लिए जोहर की नमाज अदा कर सलामती की दुआ मांगी।