मैगलगंज (लखीमपुर खीरी)। कोरोना को लेकर देश में लागू 21 दिन का लॉकडाउन बाहरी जिलों से अपने घरों को निकले मजदूरों, गरीब तबके के लोगों पर भारी पड़ रहा है। साधन के अभाव में कोई ठेली से तो कोई पैदल ही दिल्ली से अपने घरों बिहार, बरेली, बहराइच आदि स्थानों को निकला है। ऐसे में भूखे प्यासे मजदूर खेतों से गन्ने तोड़कर अपनी भूख और प्यास मिटा रहे हैं।
देश के तमाम हिस्सों के लोग दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड आदि स्थानों पर परिवार समेत मजदूरी करने जाते हैं। लॉकडाउन होने के बाद से इन परिवारों की मुसीबत बढ़ गई है। मजदूरों को उनके मालिकों ने पगार नहीं दी न ही उन्हें सिर छिपाने का ठिकाना। इससे परेशान मजदूर अपनेे छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पैदल ही अपने घरों को रवाना होने लगे हैं। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर मैगलगंज में सैकड़ों की संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ पहुंचे। इनमें कुछ के पास अपनी ठेली थी किसी के पास खाने-पीने की कोई सामग्री नहीं थी। उनके घरों की दूरी पांच सौ से 700 किलोमीटर है। इनमें सिद्धार्थनगर, गोंडा, फैजाबाद, बहराइच, बिहार तक के लोग शामिल हैं। ऐसे मेें यह लोग गन्ना चूसकर अपनी भूख और प्यास मिटा रहे हैं। यहां बता दें मोहम्मदी में बृहस्पतिवार को कई लोग पैदल पहुंचे थे। इस संबंध में डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पैदल आने वाले लोगों की सूचना मिलती है तो उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जाती है। उन्हें वाहनों की व्यवस्था कर घरों तक भी पहुंचाया जा रहा है।