मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा
हड़ताल के कुशल संचालन को बनाई सात सदस्यीय अनुशासन समिति
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले के लेखपालों का कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। जिले भर के लेखपालों ने हड़ताल जारी रखते हुए नसीरुद्दीन मौजी भवन के प्रांगण में धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। धरना सभा में हड़ताल को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सात सदस्यीय एक अनुशासन समिति का गठन किया गया।
अनुशासन समिति में सातों तहसीलों से एक एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। इसमें मोहम्मदी से प्रेम नरायन वाजपेयी, पलिया से अजय कुमार, निघासन से प्रताप सिंह, धौरहरा से सुनील कुमार पांडेय, लखीमपुर से देशराज यादव, मितौली से द्वारिका प्रसाद और गोला से श्याम किशोर श्रीवास्तव शामिल हैं। इस समिति की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने स्तर से दिग्भ्रमित सदस्यों को संगठन और संवर्ग के हित में सही दिशा दें और अनुशासनहीनता करने वालों पर उचित दंड का निर्धारण करें।
धरना सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राम कुमार दीक्षित ने मांग की कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर की जाए। लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक और शैक्षिक योग्यता स्नातक की जाए। प्रारंभिक वेतनमान 2200 से 20200 ग्रेड पे 2800 रुपया किया जाए। लेखपाल का कॉडर पूर्ववत जिलास्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में बदलाव किया जाए। धरना सभा को अतुुल वाजपेयी, पुत्ती लाल मिय्श्रा, शैलेंद्र दीक्षित,वेद प्रकाश गुप्ता, ने भी संबोधित किया। बाद में सभी लेखपाल एक जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से दीपक वर्मा, अनिल श्रीवास्तव, भूपेंद्र सिंह वर्मा, रामदत्त दीक्षित, दाताराम वर्मा, अरविंद मिश्रा, पंकज मिश्रा, अनुज मिश्रा, रामकृष्ण मिश्रा, मुनीश शुक्ला, विनोद कुमार, सुरेश विश्वकर्मा, अजय कुमार, सर्वेश वर्मा, रमाकांत वर्मा, लल्लूराम, रमाकांत मिश्र, आदित्य मिश्र आदि लेखपाल और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।