बिजुआ ब्लाक क्षेत्र के दाउदपुर-मेंहदी संपर्क मार्ग पर शारदा बंधे पर बनी जर्जर पुलिया शुक्रवार को पूरी तरह ढह गई। जिस कारण यहां से गुजर रही ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लटक गई। हालांकि इस हादसे में चालक और सभी मजदूर सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे, लेकिन 10 गांवों का आवागमन बंद हो गया। पुलिया के ढहने से हजारों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। नाराज ग्रामीणों ने टूटी पुलिया पर खड़े होकर प्रदर्शन किया और शीघ्र पुलिया निर्माण की मांग की।
दाउदपुर-मेंहदी मार्ग पर बंधे के पास क्षेत्रीय ग्रामीणों के सहयोग से 1994-95 में पुलिया का निर्माण कराया गया था। पिछले साल आई बाढ़ की चपेट में आकर पुलिया काफी जर्जर हो गई थी। इससे दर्जन भर गांवों का आवागमन प्रभावित होने के डर से ग्रामीणों ने तत्कालीन डीएम गौरव दयाल को प्रार्थना पत्र देकर पुलिया नवनिर्माण की गुहार लगाई थी, जिसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने मौका मुआयना भी किया था। बावजूद इसके पुलिया का निर्माण नहीं हो सका। शुक्रवार को ईंटों भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के भार को पुलिया सहन नहीं कर सकी और बीच का स्लैब ढह गया। इस हादसे में ट्रैक्टर चालक और मजदूर बच निकलने में कामयाब रहे। प्रभावित गांवों के ग्रामीणों गुरदीप सिंह, रंजीत सिंह, विनोद कुमार आदि ने नाराज होकर टूटी पुलिया पर खड़े होकर प्रदर्शन किया।
इन गांवों का संपर्क कटा
पुलिया के ढहने से बंधे में बसे गांव जौहरा, गुजारा, मेंहदी, सिंधिया, कैलाशपुरवा, तेजीरामपुरवा, गोदापुरवा, कोरियाना प्रथम, कोरियाना द्वितीय और रूरा सुल्तानपुर गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है। इससे शिक्षकों के न पहुंचने से स्कूल बंद होने का खतरा पैदा हो गया है तो खेती से संबंधित कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
अधिशाषी अभियंता, प्रांतीय खंड जेपी तिवारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। यह मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत हो चुका है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। जहां तक पुलिया निर्माण की बात है तो संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।