लखीमपुर खीरी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लखीमपुर रेलवे स्टेशन का सुंदरीकरण और नए निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। अधिकारियों ने निरीक्षण भी कर लिया है और अब केवल उद्घाटन शेष है। हालांकि, आधिकारिक रूप से तारीख की घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, दो अक्तूबर को उद्घाटन होने की संभावना है।
करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस कार्य के तहत स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसमें प्रवेश द्वार आधुनिक प्रतीक्षालय, शौचालय, दिव्यांगों के लिए रैंप, कोच इंडिकेशन सिस्टम, डिजिटल डिस्प्ले और स्थानीय कला-संस्कृति को दर्शाने वाला डिजाइन शामिल हैं। दो नंबर प्लेटफॉर्म पर ग्रेनाइट का काम भी पूरा हो गया है। स्टेशन का आधुनिकीकरण क्षेत्र की कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देगा।
दिव्यांगों के लिए टिकट खिड़की भी बनाई जा रही है। यह खिड़की एकदम नीचे होगी, जिससे दिव्यांग आसानी से खुद ही टिकट ले सकें। उनकी सुविधा के लिए पीले रंग की टैक्टाइल लगाई जा रही है। यह गोल आकार की टाइल्स उन दिव्यांगों के चलने में सुविधा देती हैं, जो देख पाने में असमर्थ हैं। इन उबड़-खाबड़ टाइल्स के सहारे वो लोग जिन्हें आंखों से दिखाई नहीं देता है वो स्टेशन पर चल सकते हैं। स्टेशन पर लगे गोल टाइल्स का संकेत होता है कि रुक जाएं, वहीं सीधे टाइल्स का मतलब होता है कि चलते रहें। इन टाइल्स की मदद से ऐसे लोगों को चलने में बहुत सुविधा होती है।
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ट्रेनों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग
लखीमपुर स्टेशन पर प्रतिदिन करीब चार हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। यात्रियों और शहर के लोगों की मांग है कि छोटी लाइन के समय जिस तरह ट्रेनों की संख्या थी, वैसे ही की जाए। ट्रेन कम होने से रेलवे का फायदा आम जनमानस को नहीं मिल पा रहा है। बरेली के लिए रुहेलखंड एक्सप्रेस की तरह सीधी ट्रेन चलाए जाने की मांग की जा रही है।
रेलवे स्टेशन के सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। सिर्फ दिव्यांगों के लिए टिकट खिड़की और पीले कलर की टैक्टाइल लगाई जा रही हैं। काम लगभग पूरा है। बहुत जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा।
- तेज सिंह राणा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलवे कार्य (आईओडब्लू)
दिव्यांगों के लिए लगाई गई टैक्टाइल। संवाद