जर्जर अवस्था में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला। संवाद
- फोटो : पीड़ित महिला सरला देवी से पूछताछ करती पुलिस।
लखीमपुर खीरी। उप निदेशक कृषि कार्यालय परिसर में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला है, जिसको नया भवन नसीब नहीं हो पा रहा है। यह प्रयोगशाला छोटे से भवन में संचालित है। प्रयोगशाला के नए भवन निर्माण के लिए पिछले काफी समय से प्रक्रिया चल रही है, लेकिन जमीन के अभाव में निर्माण प्रस्ताव तक सीमित रहा।
मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में मिट्टी की जांच की जाती है। छोटे से भवन होने की वजह से न तो स्टाफ के लिए ठीक से बैठने की व्यवस्था है, न ही प्रयोगशाला से संबंधित उपकरण व कैमिकल रखने की उचित व्यवस्था है। ऐसे में स्टाफ को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वैसे तो प्रयोगशाला में थोड़े ही जांच के लिए सैंपल पहुंचते हैं, लेकिन बीच-बीच में मृदा परीक्षण अभियान चलाया जाता हैं।
जिसमें हजारों की संख्या में सैंपलों की जांच होती है। एक साथ बड़ी संख्या में सैंपलों की जांच होने और उपकरण व जगह कम होने से स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के नए भवन निर्माण के लिए कई बार विभाग ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक जमीन की उपलब्ध न होने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
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मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का नया भवन बनना है, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। नए भवन के लिए कई बार प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। एक बार फिर से प्रयास किया जाएगा।
अरविंद मोहन मिश्रा, डीडी कृषि
जर्जर अवस्था में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला। संवाद- फोटो : पीड़ित महिला सरला देवी से पूछताछ करती पुलिस।