लखीमपुर खीरी। ऐतिहासिक दशहरा मेले की तैयारियां नगर पालिका और सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट के बीच विवाद के चलते प्रभावित हो रही हैं। रामलीला शुरू हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन मेला मैदान से पुरानी दुकानें नहीं हटी हैं।
प्राइवेट बस स्टैंड भी संचालित हो रहा है। इससे दूरदराज से दुकानें और झूले लगाने पहुंचे व्यापारियों में असमंजस है। उन्हें कारोबार प्रभावित होने और नुकसान की चिंता सता रही है।
बृहस्पतिवार को नगर पालिका की टीम मेला स्थल पर पहुंची, लेकिन कर्मचारियों को फिर लौटना पड़ा। श्रमिक मेला दुकानदार समिति के अध्यक्ष संतोष पटवा ने बताया कि पहले दशहरे तक मैदान में बड़ी संख्या में दुकानें सज जाती थीं। समय से जगह मिलने पर व्यापारी अच्छी बिक्री कर पाते थे, लेकिन पिछले तीन वर्षों से विवाद के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस बार भी दुकानें लगाने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
दुकानदार संतोष, फारूक, नदीम, रमेश, अजय शर्मा और कुलदीप का कहना है कि वे कई वर्षों से मेले में दुकानें लगाने आते रहे हैं। लगातार हो रही देरी से उनका भरोसा कमजोर पड़ रहा है। व्यापारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि नगर पालिका और रामलीला आयोजन से जुड़े पक्षों को आपसी विवाद सुलझाना चाहिए, ताकि दुकानदारों को नुकसान न उठाना पड़े।
रामलीला आयोजक विपुल सेठ ने कहा कि दो दिन में सभी पुरानी दुकानें हटाकर जगह खाली करा दी जाएगी। उनके मुताबिक, कोई विवाद नहीं है और किसी दुकानदार का नुकसान नहीं होगा। मेला समय से लगेगा।
नगर पालिका के ईओ संजय कुमार ने बताया कि दूसरे पक्ष से समन्वय स्थापित नहीं हो पा रहा है। बृहस्पतिवार को भी कर्मचारी मेला स्थल पर गए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। मेला समय से शुरू कराने के लिए समन्वय के प्रयास किए जा रहे हैं।