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तीस साल बाद कबूला जुआ खेलने का जुर्म

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अदालत ने सभी आरोपियों पर 500-500 रुपये का जुर्माना डाला
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खीरी क्लब में जुआ खेलते पकड़े गए थे प्रमुख व्यवसायी समेत नौ लोग
लखीमपुर खीरी। खीरी क्लब में सार्वजनिक रूप से जुआ खेलते पकड़े गए शहर के सफेदपोश लोगों ने आखिरकार 30 साल बाद अपना गुनाह कबूल कर लिया। सीजेएम चिंताराम की अदालत में बृहस्पतिवार को प्रमुख व्यवसायी सेवक सिंह अजमानी सहित सभी नौ आरोपियों ने खीरी क्लब में जुआ खेलने की बात स्वीकार कर ली। इस पर अदालत ने जुर्म इकबाल करने वाले सभी नौ आरोपियों को 500 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
अदालत में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया कि शहर के खीरी क्लब में 23 व 24 अक्टूबर 1992 की रात को कोतवाली पुलिस ने सार्वजनिक रूप से जुआ खेलते हुए 19 आरोपियों को रंगेहाथों पकड़ा था। तत्कालीन एसपी ओपी सिंह के निर्देश पर सीओ सिटी अहिबरन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापामारी की थी। इसमें लाखों रुपये की नकदी बरामद हुई थी।
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अदालती कार्रवाई के दौरान धीरे-धीरे कर कई आरोपियों की मौत हो गई, बाकी बचे नौ आरोपियों में बृहस्पतिवार को सेवक सिंह अजमानी, अनिल गुप्ता, नवल किशोर, आलोक गुप्ता, राकेश गुप्ता, कमलेश चंद्र अनूप कुमार धवन, विमल चंद्र गुप्ता, राकेश मोहन की ओर से जुर्म इकबाल करते हुए बताया कि वह खीरी क्लब में जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे। इसके बाद अदालत में सभी को पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश देते हुए दंडित किया है।
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अदालत ने अपने फैसले में जुर्माना अदा न करने की स्थिति में इन्हें तीन दिवस के कारावास भुगतान की बात कही थी। अदालती फैसले के बाद आरोपियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चंद्र वर्मा ने सभी का जुर्माना जमा करा दिया, जिसके बाद सभी आरोपियों को मुक्त कर दिया गया।
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