फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जोड़-तोड़ कर चल रहीं नगर पालिका की व्यवस्थाएं

Thu, 29 Oct 2015 07:51 PM IST
लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
विज्ञापन
एक तरफ त्योहारों का मौसम है तो दूसरी तरफ नगर पालिका की व्यवस्था चरमराई हुई है। खासकर पेयजल और पथप्रकाश व्यवस्था जोड़-तोड़ कर चलाई जा रही है। शहर में आए दिन नलकूप खराब हो रहे हैं, लेकिन इन्हें दुरुस्त करने के लिए स्थाई रूप से कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। वहीं जिन वार्डों में नगर पालिका ने हाल में ही अभियान चलाकर स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का दावा किया था, वहां फिर से अंधेरा हो गया है। लोगों का कहना है कि खराब पड़े उपकरणों को बदला नहीं गया है, बल्कि पुराने हो चुके उपकरणों से ही काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन

नगर पालिका सूत्रों की मानें तो कृष्णा टाकीज के पास स्थित नलकूप हर दो महीने में खराब हो जा रहा है।
आए दिन मोटर फुंकने के कारण नलकूप से जुड़े मोहल्लों संकटा देवी, द्वारिकापुर, संतोषनगर समेत कई जगहों की जलापूर्ति बाधित रहती है। इसी तरह हाल में ही संकटा देवी मंदिर और दलित बस्ती में नगर पालिका की कार्यदाई संस्था जलनिगम द्वारा हाल ही में किया गया रीबोर भी फेल हो गया है। वहीं शहर के कंपनी बाग के पास स्थित नलकूप का मोटर फुंकने, जेनरेटर खराब होने समेत अन्य दिक्कतों की वजह से आए दिन नलकूप ठप ही रहता है। इसी तरह सिकटिहा, आवास विकास समेत कई मोहल्लों में नलकूपों के खराब होने के कारण लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ता है।
ईओ नगर पालिका अवनीन्द्र कुमार ने बताया कि नगर पालिका नगरीय क्षेत्र की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है। पथप्रकाश की व्यवस्था सुधारने के लिए हर मोहल्ले में अभियान चलाया गया है। नलकूपों में जहां तकनीकी खराबी आ रही है, वहां दिक्कतों को सही किया जा रहा है।
विज्ञापन

नगर पालिका की कार्यशैली से सदस्यों में रोष
शहर में नगर पालिका कर्मचारियों के रवैये से लोग ही नहीं बल्कि पालिका सदस्यों में भी काफी रोष है। संकटा देवी वार्ड के सदस्य कुमुदेश शंकर शुक्ला का कहना है कि वार्डों में होने वाले कार्यों की जानकारी सदस्यों को नहीं दी जा रही है। पथप्रकाश, नलकूप, हैंडपंप आदि का सामान नहीं बदला जा रहा है, बल्कि पुराने सामानों की मरम्मत कर नए सामान में हेराफेरी हो रही है। पालिका अधिकारियों की उदासीनता के कारण ठेकेदार अपनी मनमर्जी से व्यवस्था संचालित कर रहे हैं।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें