पुलिस विभाग की करीब 30 पत्रावलियां अरसे से सीएमएस दफ्तर में अटकी हैं। इस कारण पुलिस कर्र्मियोें के स्वास्थ्य संबंधी बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इनमें 2013 से अब तक की पत्रावलियां शामिल हैं।
मेडिकल अवकाश समेत उपचार आदि बिलों का भुगतान कराने के लिए सीएमएस और सीएमओ की स्वीकृति अनिवार्य होती है। लिहाजा करीब 30 पुलिस कर्र्मियों की पत्रावलियां काफी समय पहले सीएमएस के पास भेजी गईं थीं। विभागीय समीक्षा में एसपी को इसकी जानकारी हुई। संबंधित लिपिक ने बताया कि सीएमएस दफ्तर से ही पत्रावलियां नहीं लौटीं इस कारण उसने कुछ और पत्रावलियां नहीं भेजीं। इस पर एसपी ने रिमाइंडर भेजने की बात पूछी, तो भी वह जवाब नहीं दे सका। उधर, सीएमएस डॉ. वीके साहू ने बताया कि पत्रावलियां तैयार रखी हैं, लेकिन पुलिस विभाग का कोई कर्मचारी लेने ही नहीं आया।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि इस बजट सत्र में ही सभी भुगतान करने की कोशिश की जाएगी। पुलिस कर्मियों की मेडिकल क्लेम संबंधी पत्रावलियों के निस्तारण का भी प्रयास किया जा रहा है।