ग्रामीण इलाकों में भी बिजली के हालात बदतर
सोमवार को मुख्यमंत्री के दौरे के चलते लोगों को अच्छी बिजली सप्लाई मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सीएम के आते ही शहर की बिजली गुल हो गई। खास यह है कि जब तक सीएम खीरी में रहे, तब तक बिजली कटौैती जारी रही। सीएम के रवाना होने के बाद शहर की सप्लाई चालू हुई, लेकिन बार-बार ट्रिपिंग होती रही। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी हालात बद से बदतर हो चुके हैैं, क्योंकि तीन से चार घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है।
भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे जिलेवासियों को मुख्यमंत्री के दौरे पर अच्छी बिजली सप्लाई मिलने की उम्मीद थी। सोमवार को जब दिन में 11.12 बजे सीएम का हेलीकाप्टर पुलिस लाइंस पहुंचा, तो उसी समय शहर की बिजली गुल हो गई। इसके दो घंटे बाद करीब 1.15 बजे सीएम लखनऊ रवाना हुए, तब जाकर शहर में बिजली बहाल हुई। हालांकि कुछ देर रुकने के बाद फिर बिजली चली गई, जिसके बाद ट्रिपिंग का दौर शुरू हो गया। बिजली की आंख मिचौली का खेल शाम तक चलता रहा। इस बीच बिजली विभाग के अधिकारियों ने अपने सीयूजी नंबर भी बंद कर लिए, जिससे लोगों को बिजली कटौती के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी और न ही लोग शिकायत कर सके। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों मितौली, बेहजम, सिकंद्राबाद में भी बिजली सप्लाई ढर्रे पर नहीं आ पा रही है। इन क्षेत्रों में 14 घंटे सप्लाई के दावे खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि बमुश्किल तीन से चार घंटे ही बिजली लोगों को मिल पा रही है।