करीब 18 घंटे तक लगातार बारिश के बाद रविवार की सुबह चटक धूप खिली। ठंड से
कांप रहे लोगों ने बाहर आकर गुनगुनी धूप का आनंद लिया। लेकिन लोगों को यह
आनंद अधिक देर तक नसीब नहीं हुआ। दोपहर होते-होते आसमान में फिर बादल घिर
आए। सर्द हवाओं का चलना सुबह से जारी था। दोपहर बाद इन हवाएं और सर्द हो
गईं। बादल घिरे होने से शाम चार बजे से ही रात का अहसास होने लगा।
रविवार
को अधिकतम तापमान 19.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस
रिकार्ड किया गया। दिन भर बर्फीली हवाएं चलने से जनजीवन रविवार को भी
प्रभावित रहा। हालांकि सुबह बाजार में रौनक रही लकिन आसमान में बादल घिरते
ही सन्नाटा पसरने लगा। शाम होते ही मजदूर और रिक्शा चालक सार्वजनिक स्थलों
पर जल रहे अलाव के इर्द-गिर्द सिमट आए।
अचानक बढ़ी ठंड गरीबों, और
बुजुर्गों पर भारी पड़ने लगी है। शहर के रेलवे माल गोदाम के सामने बहुत कम
कपड़ों में मजदूरों को ठिठुरते देखा गया। शहर में अभी तक अलाव जलाने की जो
व्यवस्था की गई है वह अपर्याप्त है। नगर पालिका ने कुछ जगहों पर रैन बसेरे
बनाए गए हैं लेकिन इन रैन बसेरों में छत पर छाया के अलावा अंदर कोई ऐसी
व्यवस्था नहीं है जिससे लोगों को राहत मिल सके। अभी तक जिला प्रशासन कंबलों
का वितरण भी नहीं शुरू करा पाया है।
विद्यार्थी परिषद ने कुष्टरोगियों को गर्म कपड़े बांटे
अखिल
भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्रा इकाई ने कुष्ट रोगियों की बस्ती में
जाकर कुष्टरोगियों को गर्म कपड़े, रोजाना की जरूरत का सामान और खाद्य
सामग्री वितरित की। कार्यक्रम वाईडी कॉलेज की इतिहास विभाग की रीडर और
छात्रा इकाई की नगर अध्यक्ष डॉ. नूतन सिंह के निर्देशन में किया गया। इस
मौके पर सूर्यांश गुप्ता, रामजी पांडेय, संगीता सिंह, मेघा, आकांक्षा
गुप्ता, आयुषी मित्तल, अस्मिता, शिवांगी, अनमोल, सौम्या मिश्रा, अंशिका
पांडेय, कीर्ति अवस्थी, दिव्यांशु सिंह आदि मौजूद रहे।