कुर्रिया कलां क्षेत्र में मल्हपुर ग्राम पंचायत में खाली पड़ा आरआरसी। संवाद
शाहजहांपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को ओडीएफ प्लस करने और कचरा मुक्त करने के लिए आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) का निर्माण कराया जा रहा है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप ने 15 अप्रैल तक सभी सेंटर सक्रिय करने लिए कहा था और कूड़ा घर से उठाने पर 50 रुपये यूजर चार्ज लेने के निदेश दिए थे। अभी तक अधिकतर ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर शुरू नहीं हो पाए हैं।
जिले में 1068 ग्राम पंचायत हैं। इसमें 748 ग्राम पंचायतों में आरआरसी बनाए गए हैं। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का दावा है कि 554 आरआरसी सक्रिय हो गए हैं। इनको कूड़ा उठाने के लिए ई-रिक्शा खरीदने के लिए 1.40 लाख रुपये पंचायत के खातों में भेजा चुका है। इनमें अधिकतर ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा खरीद लिए गए हैं, लेकिन घर-घर कूड़ा उठान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। गांवों में अभी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। अरआरसी संचालित नहीं हो पाए हैं। कई ग्राम पंचायतों के प्रधान और सचिव में इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं।
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कूड़ा प्रबंधन कर बनाई जाएगी खाद
प्रत्येक ग्राम पंचायत में करीब तीन लाख की कीमत से आरआरसी का निर्माण कराया गया है। गांव में सफाईकर्मी लगे हुए हैं। सफाई कर्मचारी गांवों में सफाई करने नहीं जाते हैं। कूड़ा एकत्र करके आरआरसी में वर्मी कंपोस्ट और जैविक खाद बनाए जाने का प्रावधान है। इससे होने वाली आय से आरआरसी की देखभाल करने वाले कर्मचारी का खर्च निकाला जाएगा। प्रत्येक घर से कूड़ा उठाने के लिए 50 रुपये प्रति माह यूजर चार्ज लेने के निर्देश डीएम ने दे दिए हैं, लेकिन अभी तक कूड़ा उठान शुरू नहीं हो पाया है।
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जिले में 748 में से 554 आरआरसी संचालित हैं। बाकी बचे सेंटरों को जल्द शुरू कराने का प्रयास है। इससे ग्राम पंचायतों में गंदगी न हो और कूड़ा से जैविक खाद बनाई जाए।
- घनश्याम सागर, डीपीआरओ
कुर्रिया कलां क्षेत्र में मल्हपुर ग्राम पंचायत में खाली पड़ा आरआरसी। संवाद
कुर्रिया कलां क्षेत्र में मल्हपुर ग्राम पंचायत में खाली पड़ा आरआरसी। संवाद