मोहम्मदी नगर पालिका का गेट। संवाद
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लखीमपुर खीरी। नगर पालिका मोहम्मदी के सीमा विस्तार को हरी झंडी मिल गई है, जिसमें नगर की सीमा पूरब और दक्षिण बढ़ाई गई है। सिर्फ दो दिशाओं में नगर की सीमा बढ़ाना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। इस पर अब लोग सवाल भी उठाने लगे हैं। लोगों का कहना है नगर पालिका प्रशासन ने एक सोची समझी रणनीति के तहत सीमा विस्तार कराया है। इससे उत्तर व पश्चिम सीमा पर स्थित गांव के लोग नगरीय सुविधाओं का लाभ पाने से वंचित रहे गए।
वर्तमान में मोहम्मदी नगर पालिका का दायरा करीब 4.783 वर्ग किलोमीटर में हैं। सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी होने से नगर पालिका सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत इस्लामाबाद और भानपुर बनवारी को शामिल कर लिया गया है। बताते हैं कि यह दोनो ग्राम पंचायत नगर पालिका के पूरब और दक्षिण दिशा में स्थित हैं। पालिका का दायरा केवल दो दिशाओं की ग्राम पंचायतों तक सीमित रखा जाना शहरवासियों के गले नहीं उतर रहा है। नगरवासियों का कहना है कि सीमा विस्तार केंद्र बिंदु से चारों तरफ बराबर परिधि में होता है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि नगर पालिका का दायरा बढ़ाने में केवल दो दिशाओं की दो ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा रहा है।
सीमा विस्तार की प्रक्रिया गले नहीं उतर रही है। ग्राम पंचायत इस्लामाबाद के बसविरवा को शामिल कर हरिहरपुर और इसी तरह भानपुर बनवारी को शामिल कर गरबापुर को छोड़ देना गलत है। सीमा विस्तार निर्धारित परिधि में चारों तरफ होनी चाहिए थी। - सगीर अहमद सिद्दीकी, पूर्व नगर अध्यक्ष सपा
कहने को भले ही कोई कुछ कहे, लेकिन सीमा विस्तार का निर्धारण शासन स्तर से हुआ है। वहां के लोगों ने जैसा उचित समझा उसी तरह सीमा विस्तार किया है। - डीके मिश्रा अधिशाषी, अधिकारी नगर पालिका मोहम्मदी
नगर पालिका के सीमा विस्तार के पीछे भाजपाइयों की सोची समझी चाल है। सीमा विस्तार नियमानुसार होता तो पालिका सीमा के चारों तरफ स्थित गांवों का विकास होता और वहां के ग्रामीणों को नगरीय सुविधाएं मिलतीं। - सतपाल जौहर बसपा नेता
शहर के केंद्र बिंदु से समान परिधि में सीमा विस्तार होना चाहिए था। इससे पश्चिम और उत्तर स्थित गांवों का भी विकास होता। सिर्फ पूरब व दक्षिण की दो ग्राम पंचायतों को शामिल करना गले नहीं उतर रहा। सालों बाद यह मौका आया था, जिससे तमाम गांव विकास से वंचित रह गए। - बलराम वरुण कार्यवाहक नगर अध्यक्ष कांग्रेस