पुनर्भूग्रंट को जाने वाली टूटी पुलिया। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
गोला गोकर्णनाथ। नगर के बीचोबीच प्राचीन सतौती सरोवर की लोगों ने फिर से पटाई करनी शुरू कर दी है। सरोवर का काफी हिस्सा कूड़े, मलबे से पाटा जा चुका है। इतना सब होने के बावजूद भी प्रशासन मामले से अनजान बना हुआ है।
अभिलेखों में यह सरोवर गाटा संख्या 2560 रकबा 4.060 हेक्टेयर सतौती सरोवर के नाम से दर्ज है। आरोप है कि साल दर साल लोग इस सरोवर पर तहसील और नगर पालिका प्रशासन की साठगांठ से अवैध कब्जा दर्शाकर पटाई कर प्लाटिंग शुरू कर देते हैं। सरोवर के काफी हिस्से पर अवैध मकान बन चुके हैं। अब फिर आधे सरोवर पर लोगों की निगाहें लगी हुई हैं, लेकिन तहसील प्रशासन और नगर पालिका परिषद जान कर भी अनजान बना हुआ है।
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मत्स्य विकास अभिकरण के नाम दर्ज है सरोवर
प्राचीन सतौती सरोवर काफी अरसे से मत्स्य विकास अभिकरण के नाम दर्ज है। मत्स्य विकास अभिकरण ने सरोवर में मछली पालन के लिए अपने नाम तहसील अभिलेखों में दर्ज करवा लिया था। यह बात अलग है कि मत्स्य विभाग ने कभी भी सरोवर में मछली पालन नहीं किया।
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मौके पर राजस्व टीम को भेजकर सतौती तालाब की पैमाइश और सीमांकन कराएंगे। किसी को भी अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।
-अखिलेश यादव, एसडीएम