धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा कफारा में कई खातों से रुपये निकलने के बाद खाताधारकों में खलबली है। लोग अपने खातों को देखने के लिए लगातार बैंक में आकर पास बुक पोस्ट करा रहे हैं। इधर जिन खातों से रुपये निकले हैं। वह खातेदार बैंक में आकर शाखा प्रबंधक से रुपये वापस कराने का दबाव बना रहे हैं।
कफारा गांव स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से दर्जनों खाताधारकों के खाते से हैकर ने तीन दिनों में लाखों रुपये निकाल लिए। शाखा प्रबंधक की दलील है कि खातों से रुपये बिना डिजिटल अंगूठा लगाए या बिना बैंक विड्राल के निकल ही नहीं सकते है, जबकि खाताधारकों का कहना है कि उन्होंने कहीं डिजिटल अंगूठा या हस्ताक्षर नहीं किए हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से खाताधारकों के रुपये निकलने की सूचना पर सैकड़ों खाताधारक बैंक पहुंच गए। न सिर्फ उन्होंने अपने खाते चेक किए बल्कि पासबुक भी अपडेट कराईं। मंगलवार को बैंक आने वाले खाताधारकों में जमा निकासी करने वालों की संख्या कम रही, अधिकतर लोग अपने खाते चेक करने पहुंचे। शाखा प्रबंधक राजेश्वर सिंह खाता धारकों को विश्वास दिलाने में जुटे रहे कि जिनके खातों से रुपये निकले हैं उन्हें वापस दिलाने की कार्रवाई चल रही है, लेकिन ग्राहक मानने को तैयार नहीं थे। इधर खाता धारक आनंद गिरि, मोहम्मद अहमद, बच्चू, कामिनी देवी, सुमित्रा देवी, ओमप्रकाश, पप्पू, रुबीना और नफीस ने संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंच कर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह से खाते से रुपये निकलने की शिकायत दर्ज कराई। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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इससे पहले भी बैंक में हो चुका है गोलमाल
बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा कफारा से खाताधारकों के रुपये निकलने का यह पहला मामला नहीं है। दो साल पहले भी बैंक के कैशियर की मिलीभगत से करीब 15 खाताधारकों के खातों से रुपये निकाल लिए गए थे। खाताधारकों की शिकायत पर कैशियर ने बाद में खातों में रुपये जमा कराए थे। इसके बाद बैंक ने उस कैशियर को कफारा शाखा से हटा दिया था, तो तत्कालीन शाखा प्रबंधक संजीव तोमर ने मामले को रफादफा कर दिया था।
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बैंक में रहता है दलालों का जमावड़ा
बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा कफारा के अंतर्गत दस बैंक मित्र तैनात हैं, जो आधार कार्ड के माध्यम से डिजिटल अंगूठा लगवा कर ग्राहकों से रुपये की जमा निकासी करते हैं। ज्यादातर बैंक मित्र और उनके कुछ सहयोगी बैंक में ही बने रहते हैं। इसके अलावा कई ऐसे लोग हैं जो बैंक स्टाफ से मिलकर ग्रीन कार्ड लोन कराते हैं। इन लोगों की भूमिका भी ग्राहक अब संदिग्ध मानने लगे हैं।
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बैंक मित्र ने लाखों का किया था गबन
एक साल पहले इलाहाबाद बैंक शाखा के बैंक मित्र रोहित ने सैकड़ों खाताधारकों के खातों से लाखों रुपये निकाल लिए और वह भाग गया था। शिकायत के बाद कुछ खाताधारकों के रुपये वापस हो गए थे। कुछ अब भी रुपये पाने के लिए भटक रहे हैं। मामले में एफआईआर के आदेश हुए थे, यह और बात है कि अब तक एफआईआर दर्ज नही हो सकी।
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जिन खातों से रुपये निकले हैं। उनकी रिपोर्ट रिवीजन आफीसर के माध्यम से बड़ौदा कारपोरेट सेंटर मुंबई भेजी जा चुकी है। लोगों को धैर्य रखना होगा। जांच चल रही है। दोषियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
-राजेश्वर सिंह शाखा प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा कफारा