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कब्जे में शहर की सड़कें: कहीं सजा सामान तो कहीं पार्किंग

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जेल रोड का फुटपाथ दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग स्थल - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। शहर में दिन पर दिन अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। फुटपाथों से लेकर सड़कों तक लोगों का कब्जा है, कहीं दुकान है तो कहीं वाहन खड़ा करने के लिए पार्किंग बना ली गई है। गांधी विद्यालय के पास टैक्सी स्टैंड होने से वहीं पर वाहनों की मरम्मत का काम भी होता है। शहर की ऐसी कोई रोड नहीं है जिस पर अतिक्रमण के साथ अवैध कब्जे न हों। अवैध कब्जे होने से सड़कें इतनी संकरी हो गईं हैं कि आए दिन अस्पताल रोड, खीरी रोड, रोडवेज बस अड्डा रोड के अलावा महिला अस्पताल के सामने जाम लग जाता है, जिससे काफी दिक्कत होती है, सबसे ज्यादा परेशानी एंबुलेंस से आने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है। जो जाम के झाम में फंसकर घंटों परेशान रहते हैं। ऐसे में सड़कों पर अवैध तरीके से काबिज लोगों को हटाने के लिए न तो पालिका प्रशासन आगे आ रहा है और न ही जिला प्रशासन। आए दिन सड़कों पर लगने वाले जाम से शहर के पर वर्ग को परेशानी से जूझना पड़ता है।
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अस्पताल रोड पर खड़ी रहती हैं एंबुलेंस
जीआईसी कॉलेज से सदर चौराहे तक रोड के हालात बेहद खराब है। सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ पर चाट पकौड़ी, फल, जूस आदि बेचने वालों से लेकर निजी एंबुलेंस और शव वाहनों का कब्जा है। ऐसे में बेहद संकरी होने के कारण इस रोड से पैदल निकलना तक मुश्किल होता है।
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मैजिक बनतीं हैं जाम का कारण
गुरुगोविंद सिंह तिराहे से गांधी विद्यालय के सामने सड़क के दोनों ओर दिन भर मैजिक खड़ी रहती हैं। खराब होने पर इनकी मरम्मत भी वहीं पर होती है। इससे आए दिन जाम लगता है। यातायात अधीक्षक कहते हैं कि नगर पालिका का स्टैंड है, उन्हें चाहिए कि प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाए।
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जेल रोड बना पार्किंग स्थल
कामनाथ अस्पताल से लेकर सीएमओ कार्यालय तक सड़क और फुटपाथ पार्किंग स्थल बन गए हैं। अस्पताल के दुकानदार अपना सामान फुटपाथ तक बढ़ाने के साथ सड़क पर बाइक खड़ी करते हैं। पैथोलॉजी और रेस्टोरेंट होने से चार पहिया वाहन भी सड़क पर खड़े रहते हैं।
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हादसे का करण बन रहे ई-रिक्शा
शहर मेंसैकड़ों ई रिक्शा हैं। इनमें से अधिकतर का हैंडल किशोरों के हाथों में है। ट्रैफिक नियमों की जानकारी के अभाव में यह लोग आए दिन हादसों का कारण बनते हैं। .....
कलक्ट्रेट गेट बना टैक्सी स्टैंड
कलक्ट्रेट गेट के सामने दिन भर ई-रिक्शा व टेंपो खड़े रहते हैं। जबकि वहां से अधिकारियों का आना जाना भी रहता है। बावजूद इसके गेट के सामने रोज ही जाम के हालात बनते हैं।
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पैदल चलना भी मुश्किल
शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं है, जिस पर जाम न लगता हो। सबसे ज्यादा हालात अस्पताल रोड, मेन रोड और संकटा देवी रोड के खराब हैं। इन पर पैदल तक चलना मुश्किल है।
-नवप्रीत कौर, गृहणी
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सड़के अतिक्रमण मुक्त हों
अतिक्रमण से शहर बदसूरत हो रहा है। अस्पताल रोड का हाल तो सबसे ज्यादा खराब है। जबकि यह कब्जा मुक्त होना चाहिए, जिससे एंबुलेंस से आने वाले मरीजों का असुविधा न हो।
-डॉ.नीलम त्रिवेदी प्रोफेसर युवराजदत्त महाविद्यालय
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व्यापारी हर संभव मदद को तैयार
व्यापारी, प्रशासन की हर संभव मदद को तैयार हैं। सड़कों पर वाहन खड़ा करने वालों पर शिकंजा कसना चाहिए, जिससे एंबुलेंस से आने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं को परेशानी न उठानी पड़ी।
-संजय अग्रवाल, व्यापारी नेता
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अस्पताल गेट के दोनों ओर फुटपाथ पर अवैध कब्जा है। इससे अस्पताल आने वाले वाहनों को दिक्कत होती है। वहां पर पार्किंग के लिए ईओ को पत्र भी लिखा है। पार्किंग बनने से पालिका को आय होगी और अस्पताल आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी।
-डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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महिला अस्पताल और जीआईसी कॉलेज गेट के पास सड़क पर वाहन न खड़े हों इसलिए दो कर्मचारियों को तैनात किया है। स्वयं चार से पांच बार उधर से निकलता हूं। इस दौरान सड़क पर खड़ेे मिलने वाले वाहनों का चालान भी होता है।
-सूर्यमणि यादव, टीएसआई
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पथ विक्रेता पंजीकरण का काम चल रहा है। इसके पूरा होते ही अवैध रूप से ठेले लगाने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा।
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-आरआर अंबेष, अधिशाषी अधिकारी
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