गोला के सतौती सरोवर में जलते कूड़े से उठता धुआं। संवाद
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गोला गोकर्णनाथ। नगर के बीचोबीच सतौती तालाब में पड़े कूड़े को जलाए जाने से उठे धुएं के गुबार से आसपास के लोग और पड़ोस के दुकानदार परेशान हैं।
नगर के बीचोबीच स्थित सतौती तालाब धीरे-धीरे कूड़े कचरे से पटता जा रहा है। पास पड़ोस के लोग ही नहीं नगर पालिका द्वारा भी आस पास का कूड़ा डाला जाता है। भूमाफिया की भी नजर इस तालाब पर वर्षों से रही है। मौका पाते ही तहसील और नगर पालिका से साठगांठ कर कब्जे के प्रयास होते रहे हैं। उसकी शुरुआत कूड़ा, मलवा डालकर ही होती है। यही कारण है कि सतौती तालाब में कूड़े के अंबार कभी कम नहीं होते। कूड़े से पटाई के कारण तालाब का रकबा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
शासन, प्रशासन तालाबों के संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण पर रोक की कवायद कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस संवेदनशीलता को ठेंगा दिखाते हुए अधिकारियों की संलिप्तता के साथ भूमाफिया अपने मंसूबों में कामयाब होते दिखते हैं। यहां तक कि किसानों को पराली जलाने तक पर प्रतिबंध, जुर्माना वसूला जाता है, वहीं सतौती तालाब पर दिन में कूड़ा जलाए जाने से पड़ोस की आबादी, वीर अब्दुल हमीद मार्केट, दीनदयाल उपाध्याय मार्केट के दुुकानदार परेशान हैं।
नगर पालिका से कूड़ा कचरा तालाब में नहीं डाला जाता है। कूड़ा जलाया जाना पर्यावरण के लिए घातक है। नगर पालिका कर्मचारियों को भेजकर आग बुझवाई जाएगी।
पीएन दीक्षित, ईओ नगर पालिका परिषद गोला।