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घटना याद कर सिहर उठते हैं ग्रामीण

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लखीमपुर खीरी। थाना ईसानगर क्षेत्र के गांव में 13 वर्षीय किशोरी के साथ हुई बर्बरता को ग्रामीण भुला नहीं पा रहे हैं। महिलाएं और बच्चियां भी घटना को याद कर सिहर उठती हैं। उनमें भय और असुरक्षा की भावना बनी हुई है। लोगों में पुलिस की संवेदनहीनता के खिलाफ भी रोष है।
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थाना ईसानगर का यह गांव काफी पिछड़ा हुआ है। थाने से 13 किलोमीटर दूर गांव के अधिकतर लोग मजदूरी करते हैं। इस गांव की आबादी करीब पांच हजार है। गांव में साक्षरता की दर 40 फीसदी से भी कम है। गांव की 13 वर्षीय बिटिया के साथ हैवानियत की घटना को ग्रामीण भूल नहीं पा रहे हैं। ग्रामीण घटनास्थल पर पड़े शव और वहां का दृश्य याद कर आज भी कांप उठते हैं। गांव की महिलाएं और बेटियां अब दिन में भी दहलीज से बाहर निकलने से घबरा रही हैं।
‘बिटिया के गुनहगारों को हो फांसी’
लखीमपुर खीरी पकरिया गांव की घटना को लेकर हर तरफ नाराजगी है। खासकर महिलाएं अत्यधिक आहत हैं। इनका कहना है कि बेटियों की सुरक्षा के लिए समाज के सभी लोगों को आगे आना होगा। मां बाप बेटों को ऐसे संस्कार दें कि वह अपनी मां, बहन की तरह ही अन्य महिलाओं को भी सम्मान दें।
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बेटियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानन की जरूरत है। बिटिया के गुनहगारों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
-डॉ. रामजानकी वर्मा, समाजसेविका
घटना बेहद दु:खद है। मामले की जल्द से जांच कर आरोपियों को वही सजा मिले जो हैदराबाद के हैवानों को दी गई।
-पूनम मिश्रा, गृहणी बाजपेई कॉलोनी
पकरिया गांव की घटना बेहद निंदनीय है। सरकार मामले की जल्द से जांच कराकर गुनहगारों को फांसी दे।
-शिवांगी गुप्ता, पूर्व चेयरपर्सन जेसीआई
पढ़े और बढ़े बेटियों का नारा तभी सार्थक होगा, जब बेटियां सुरक्षित रहेंगी। ऐसी घटना के आरोपियों को फांसी होनी चाहिए।
-अनुपमा शर्मा, खमरिया
ग्रामीण क्षेत्रों में दम तोड़ गई एंटी रोमियो टीम
महिला अपराधों और छात्राओं के साथ बढ़ रहीं छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों में एंटी रोमियो टीम गठित करने के निर्देश दिए थे, जिस पर जिले में भी थाना वार टीमें गठित की गईं थीं। करीब एक साल तक तो शहर में टीमें सक्रिय रहीं, लेकिन उस समय भी ग्रामीण इलाकों में हालत काफी खराब रही। वर्तमान समय में यह टीमें सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गईं हैं।
शोहदों पर शिकंजा कसने के लिए थाना स्तर पर गठित टीमों की कमान थाना प्रभारियों को सौंपी गई थी, जबकि शहर में महिला थाना प्रभारी को टीम का प्रभारी बनाया गया था। शुरुआती दौर में मनचलों पर लगाम कसने के लिए टीमें दौड़ीं। बाद में टीम की सक्रियता काफी कम हो गई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों निघासन, पलिया, धौरहरा, ईसानगर, मोहम्मदी, गोला जैसे स्थानों पर टीम की गतिविधियां नहीं दिखती हैं।
जिले में बेदम हुई एंटी रोमियो टीम को लेकर जिले के अफसर भी सक्रिय नहीं दिखाई दे रहे हैं। नतीजतन सड़कों पर महिलाओं, छात्राओं पर फब्तियां कसने, छेड़छाड़ करने की हरकतें जारी हैं।
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एंटी रोमियों टीमों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर कोई लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई होगी।
-सत्येंद्र कुमार सिंह, एसपी
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