लखीमपुर खीरी। मानसून सक्रिय होने के बाद कई दिनों तक बादलों की लुकाछिपी का खेल सोमवार की शाम को खत्म हुआ, जिसके बाद सोमवार रात से झमाझम बारिश मंगलवार को दिन भर होती रही। इससे शहर में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए। कभी धीमे, तो कभी तेज बारिश होने से लोग घरों से नहीं निकल पाए तो बाजार में भी कम ही दुकानें खुलीं। मानसून की पहली अच्छी बारिश होने से किसानों के चेहरों पर रौनक दौड़ गई, क्योंकि महंगे डीजल से सिंचाई करने से राहत मिल गई। जिले भर में 73.5 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।
जनपद में मानसून ने कई दिन पहले दस्तक दे दी थी, लेकिन टुकड़ों में ही हल्की बारिश हुई थी। इससे किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार था। सोमवार की शाम सात बजे से हल्की बारिश का सिलसिला शुरू हुआ और रात में तेज बारिश हुई। इसके बाद मंगलवार को भी दिन भर कभी तेज तो कभी धीमी बारिश होती रही। मंगलवार को लखीमपुर तहसील क्षेत्र में 65.4 मिमी बारिश हुई। मोहम्मदी और मितौली तहसील क्षेत्र में 61 मिमी बारिश हुई। पलिया और निघासन तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक 127.4 मिमी बारिश हुई, जबकि धौरहरा क्षेत्र में सबसे कम 40.2 मिमी बारिश रिकार्ड हुई। लगातार बारिश होने से खेत पानी से लबालब भर गए हैैं, जिससे धान की रोपाई का काम तेज हो गया है। इसके अलावा गन्ने की फसल की भी बिना डीजल खर्च किए सिंचाई हो गई। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विज्ञान आंचलिक केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अभी दो दिनों तक बारिश होने के आसार बने हैं, जिससे बुधवार और गुरुवार को भी बारिश हो सकती है। इसके बाद भी दो-तीन दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं।
निचले इलाकों में भरा पानी, गन्ना, धान को लाभ, साठा को नुकसान
गोला गोकर्णनाथ सावन के पहले सोमवार की शाम से शुरू हुई वर्षा मंगलवार को भी होती रही। रेलवे स्टेशन के बाहर नाले पर अतिक्रमण और सफाई न हो पाने से स्टेशन रोड पर जलभराव हो गया। मेला मैदान में तीन फुट तक पानी भरा होने से दुकानदारों को दिक्कत हुईं। मोहल्ला हफीजपुर, वीरेंद्रनगर कालोनी, भारत भूषण कालोनी, मोहल्ला ऊंची भूड़ की सड़कों पर पानी भरा रहा। जिससे आवागमन में कठिनाई हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई जोर शोर से शुरू हो गई है। किसानों को डीजल की बचत हुई। वर्षा से धान और गन्ने को लाभ पहुंचा वहीं साठा धान को नुकसान हुआ है। दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित हुआ।
बांकेगंज दो दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते लोगों के खेतों में पककर तैयार खड़ी साठा धान फसल की कटाई बाधित हो गई है।
ममरी रिमझिम वर्षा से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। किसानों का कहना है कि वर्षा धान और गन्ने के लिए वरदान साबित हुई है। खाली पड़े खेतों में धान की रोपाई शुरू हो गई है। उधर, गोला शाहजहांपुर रोड बारिश के कारण काफी खराब हो गई है।
अमीरनगर खेतों में खड़े साठा धान में जलभराव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रुक-रुक कर हुई बारिश से अन्य फसलों को लाभ हुआ है।
बिझौली ग्राम पंचायत सौठन के गांव जमुनहा में नाली बंद होने से गंदा पानी भरने से लोग परेशान रहे।
भीखमपुर। जलभराव से राहगीरों को निकलने में दिक्कत हुई। लोगों का कहना है कि पानी का निकास न होने से गांवों में मच्छरों की समस्या बढ़ रही है।
अलीगंज क्षेत्र के ग्राम मूड़ा सवारान, रसूलपनाह, दलेलनगर, गोपालापुर आदि स्थानों पर जलभराव से समस्या पैदा हो गई है।
रोशननगर धान, गन्ना, ज्वार, सब्जी की फसलों को काफी लाभ मिला है।
पलिया-मझगईं सोमवार देर रात से शुरू हुई बरसात मंगलवार को पूरे दिन होती रही। बरसात होने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा और दुकानदार भी खाली बैठे रहे। तेज बारिश के कारण शहर की भीरा रोड पर पानी भरा रहा। शहर की नगर पालिका रोड, पांडेय बाबा गली, इकरामनगर, मछली मंडी रोड, चमन चौराहा समेत कई गलियों में भारी जलभराव हो गया। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली तो किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं।
संपूर्णानगर सिंगाही खुर्द गांव के वार्ड टीचर्स कॉलोनी, मेन तिराहा से डाकघर जाने वाले रास्ते, चीनी मिल रोड ,वन विभाग जाने वाले मार्ग पर जलभराव हो गया। जिससे निकलने वाले लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
तिकुनियां ब्लॉक निघासन के गांव निबौरिया की प्रमुख सड़क सोमवार की रात से हो रही बारिश से तालाब बन गई है। इससे राहगीरों को भी आवागमन में काफी दिक्कत उठानी पड़ी। ग्राम निबौरिया-पोखरी मार्ग तिकोनिया-बेलरायां पीडब्ल्यूडी रोड से जुड़ा प्रमुख मार्ग है। करीब 100 मीटर सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील है। नालियों के चोक होने से साल भर सड़क पर पानी भरा रहता है। सोमवार की रात से शुरू हुई बरसात से हाल अधिक खराब हो गए हैं । सड़क तालाब बन गई है। राहगीर पानी भरे गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क पर करीब दो फुट पानी भरा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से कई बार नाली साफ कराए जाने को कहा, लेकिन नतीजा सिफर रहा। ग्राम प्रधान रामदुलारे वर्मा ने बताया कि मई और जून में नालियां साफ कराई गई थीं लोगों ने फिर पाट दिया दोबारा साफ कराई जाएगी।