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शौचालय बनवाने में लापरवाही पर दो एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि

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लखीमपुर खीरी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों में शौचालय बनाने में बड़े पैमाने पर धांधली के मामले सामने आने के बाद सीडीओ अरविंद सिंह ने मितौली और निघासन के दो एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। साथ ही सीडीओ ने दोनों एडीओ को निश्चित अवधि में सुधार न होने पर विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है, क्योंकि दोनों मितौली और निघासन ब्लॉक जनपद के सबसे खराब प्रगति वाले तीन ब्लॉकों में शामिल हैैं।
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सीडीओ ने सभी 15 ब्लॉकों की समीक्षा की, जिसमें पाया कि मितौली ब्लॉक की 91 ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि-6 खातों में शौचालय लाभार्थियों का दो करोड़ 42 लाख 53 हजार रुपये जमा हैं। जबकि 14 दिन पहले तक तीन करोड़ 27 लाख सात हजार रुपये जमा थे, जिससे 14 दिनों में सिर्फ 84.54 लाख रुपये लाभार्थियों को शौचालय बनाने के लिए दिए गए। इससे मितौली ब्लॉक जनपद के सबसे खराब प्रगति वाले तीन ब्लॉकों में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। एलओबी के लक्ष्य 12247 के सापेक्ष 9499 फोटो अप्रूव कराए गए, जो शत प्रतिशत काम पूरा होना था। ऐसे ही एनओएलबी, पीएफएमएस, मनरेगा कन्वर्जेंस, सिर्फ सात ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अपलोड करने और बेसलाइन सर्वे 2012 के तहत लक्ष्य पूरा न करने के चलते गांवों को ओडीएफ बनाना मुश्किल होता जा रहा है। लिहाजा सीडीओ ने एडीओ पंचायत राघवेंद्र प्रताप वर्मा को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी है और कार्यशैली में सुधार न आने पर विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
ऐसे ही निघासन ब्लॉक की 66 ग्राम पंचायतों में ग्राम निधि-6 खातों में एक करोड़ 20 लाख 42 हजार रुपये अवशेष है, जिसे लाभार्थियों को नहीं दिया गया। 13 दिनों में सिर्फ 62.69 लाख रुपये लाभार्थियों को दिए गए। एलओबी शौचालय, पीएफएमएस फीडिंग, बेसलाइन सर्वे 2012 के मुताबिक शौचालय लक्ष्य पूरा नहीं है। मनरेगा कन्वर्जेंस की प्रगति शून्य है। सिर्फ 14 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना फीड कराई गई हैं। इससे यह ब्लॉक सबसे खराब प्रगति वाले तीन ब्लॉकों में पहले स्थान पर पहुंच गया है। लिहाजा सीडीओ ने एडीओ पंचायत रामलाल राना को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी।
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